वैशाली के पेपर हॉकर की बेटी बनी कॉमर्स टॉपर:बिहार में चौथा स्थान प्राप्त किया
हाजीपुर.बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का परिणाम जारी होते ही वैशाली में खुशी की लहर दौड़ गई। इस साल के रिजल्ट में खास बात यह रही कि साधारण परिवारों से आने वाले छात्र-छात्राओं ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है।कॉमर्स संकाय में पेपर हॉकर की बेटी मानवी कुमारी ने 474 अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है।
पेपर हॉकर की बेटी ने किया कमाल
मानवी कुमारी के पिता पंकज कुमार एक पेपर हॉकर हैं, जबकि उनकी माता संगीता देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मानवी ने अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया।मानवी का सपना चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनना है। वह अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।
कला संकाय में तन्नू खातून अव्वल
आर्ट्स संकाय में तन्नू खातून ने 461 अंक (92.20 प्रतिशत) प्राप्त कर जिले में पहला स्थान हासिल किया है।तन्नू के पिता मो. शाहिद बकरी-खस्सी खरीदने-बेचने का व्यवसाय करते हैं, जबकि माता गुड़िया खातून गृहिणी हैं। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इसी संकाय में कहकशा नाज़ ने 460 अंक (92 प्रतिशत) हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। उनके पिता मो. मुस्तकीम गया में टायर की दुकान चलाते हैं, जबकि माता नासरीन खातून गृहिणी हैं।
कॉमर्स में दीया कुमारी गुप्ता दूसरे स्थान पर
कॉमर्स संकाय में दीया कुमारी गुप्ता ने 468 अंक (93.60 प्रतिशत) प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है।दीया चेहराकला प्रखंड क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके पिता श्रवण कुमार गुप्ता नेपाल में चाय की दुकान चलाते हैं, जबकि माता पूनम देवी गृहिणी हैं।
दीया की इस सफलता से उनके परिवार में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
साइंस में भी छात्रों का दमदार प्रदर्शन
विज्ञान संकाय में आदित्य राज ने 466 अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। उनके पिता विकास कुमार व्यवसायी हैं और माता कविता देवी गृहिणी हैं.वहीं कृष जायसवाल ने 465 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। उनके पिता रणधीर चौधरी और माता निकिता जायसवाल हैं।
साइंस संकाय में भी छात्रों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच बेहतर प्रदर्शन किया है।
मेहनत और लगन बनी सफलता की कुंजी
इस वर्ष के टॉपर्स की कहानियां यह बताती हैं कि सफलता के लिए संसाधनों से अधिक जरूरी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है।अधिकांश छात्र-छात्राओं ने सीमित संसाधनों के बावजूद नियमित पढ़ाई और परिवार के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया है
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
