सेल्फ स्टडी’ और निरंतरता ने बनाया टॉपर,साइंस में स्टेट टॉपर बने दलसिंहसराय के आदित्य, डॉक्टर बनने का सपना
दलसिंहसराय,इंटरमीडिएट साइंस परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल कर दलसिंहसराय के मेधावी छात्र आदित्य प्रकाश अमन ने राज्य स्तर पर टॉप किया है. प्रखंड के मुख्तियारपुर सलखनन्नी निवासी शिक्षक हरेंद्र कुमार और रिंकू कुमारी के पुत्र आदित्य ने अपनी कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग से यह उपलब्धि हासिल कर यह मुकाम हासिल किया. इस मेधावी छात्र का सपना डॉक्टर बनना है।
आदित्य ने बताया कि यह सफलता माता राधा रानी, माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद से संभव हुई.प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने पहली से पांचवीं कक्षा तक रामचन्द्रपुर के सरकारी विद्यालय में अपनी मौसी के घर रहकर पूरी की.छठीं कक्षा के लिए 2019 में सिमरतल्ला आवासीय विद्यालय में प्रवेश परीक्षा पास कर दाखिला लिया. दशमं कक्षा में भी 476 अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर चमकाया.वर्तमान में वह माता पिता के साथ दलसिंहसराय के माल गोदाम रोड पर किराए के मकान में रहकर स्वाध्याय से बारहवीं की तैयारी किया।
बहन भी सिमरतल्ला आवासीय विद्यालय में पढ़ाई कर रही है.
पिता हरेंद्र कुमार व मां रिंकू देवी ने बेटे की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “बेटे की यह उपलब्धि ही हमारा सब कुछ है.वह हमेशा से मेहनती रहा है.पिता ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद आदित्य ने कभी हार नहीं मानी.स्वाध्याय पर जोर देकर उसने यह मुकाम हासिल किया.आदित्य का संस्कृत भाषा से विशेष लगाव है. वह डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहते हैं.स्थानीय लोगों में भी उनकी सफलता को लेकर खुशी की लहर है.प्रधानाचार्य नीरज कुमार और शिक्षक अरबिंद राम,सतीश कुमार, संतोष कुमार झा, शिबली सुभानी, ब्रजेश कुमार, अमजीत पाठक ने बधाई दी तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी।
तैयारी और रणनीति
अमन ने कहा कि सफर में उतार चढ़ाव आता रहता है,उसी के राह पर चलते हुए इस मुकाम पर पहुंचे हैं.जब रिजल्ट आया तो काफी खुशी मिली. मां की आंखों में खुशी के आंसू आ गए.आदित्य प्रकाश ने कहा कि जिस तरह से मैंने मेहनत किया और कॉपी लिखा था तो मुझे उम्मीद था कि टॉप 10 में आऊंगा.आदित्य का मानना है कि पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत करते रहना चाहिए. परिणाम भगवान के ऊपर छोड़ देना चाहिए. आदित्य ने बताया कि उनकी तैयारी का मुख्य आधार ‘सेल्फ स्टडी’ और निरंतरता रही. उन्होंने किसी भी बड़े कोचिंग संस्थान के बजाय स्कूल के शिक्षकों के सहयोग और घर पर नियमित 7-8 घंटे की पढ़ाई पर भरोसा किया. कठिन विषयों के लिए उन्होंने डिजिटल संसाधनों का भी स्मार्ट उपयोग किया.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
