मंडल कारा में बंद विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने पिटाई का लगाया आरोप
समस्तीपुर.मंडल कारा समस्तीपुर में विचाराधीन बंदी 30 वर्षीय सुधीर महतो उर्फ बाबा की मंगलवार देर रात संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक हलई थाना क्षेत्र के बाजितपुर करनैल वार्ड-1 निवासी स्व. बटोही महतो का पुत्र था। घटना की सूचना देर रात ही कारा प्रशासन ने पुलिस और परिजनों को दी, जिसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। मजिस्ट्रेट और मेडिकल बोर्ड की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
जेल अधीक्षक प्रशांत ओझा के अनुसार, 31 मई को उत्पाद थाना पटोरी ने शराब तस्करी के मामले में उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। जेल आने के बाद से ही उसकी तबीयत खराब थी, जिसके बाद उसे पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया और हालत सामान्य होने पर जेल अस्पताल में रखा गया। मंगलवार शाम अचानक हालत बिगड़ने पर फिर से अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इधर, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरफ्तारी के दौरान उसके साथ मारपीट की गई थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ी। परिजनों का दावा है कि 31 मई की सुबह पटोरी उत्पाद थाना की टीम एक निजी ड्राइवर के साथ घर पहुंची और सुधीर को जबरन उठाकर ले गई। आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ बेरहमी से पिटाई की और बिना समुचित इलाज के उसे जेल भेज दिया। मंगलवार शाम करीब 7 से 7:30 बजे के बीच परिजनों को सूचना दी गई कि उसकी हालत गंभीर है और उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन महज 10-15 मिनट बाद ही मौत की खबर दे दी गई, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया।
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