Muzaffarpur

मुजफ्फरपुर के सुधीर सचिन को शाही लीची भेंट करेंगे:शादी की सालगिरह पर मुंबई के लिए रवाना

मुजफ्फरपुर में सचिन के सुपरफैन सुधीर कुमार गौतम एक बार फिर अपनी अनूठी परंपरा निभाते हुए मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं। वे क्रिकेट आइकन सचिन तेंदुलकर और उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर को उनकी शादी की सालगिरह पर मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध शाही लीची भेंट करेंगे।

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दामोदरपुर निवासी सुधीर कुमार गौतम हर साल की तरह इस बार भी दो बड़े बक्सों में चुनिंदा और ताजी शाही लीची लेकर मुंबई जा रहे हैं। उनका यह सफर किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि सचिन के प्रति उनकी श्रद्धा का प्रतीक है।

 

ये सालों पुरानी अटूट परंपरा

 

यह सुधीर की सालों पुरानी अटूट परंपरा है। यह उनके लिए केवल एक उपहार नहीं, बल्कि सचिन तेंदुलकर के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा और अटूट विश्वास का जीवंत प्रतीक है।सुधीर का यह शेड्यूल सालों से तय है। वे हर साल 22 मई को मुजफ्फरपुर से निकलते हैं और 23 मई को मुंबई पहुंचते हैं। इसके बाद, 24 मई को सचिन तेंदुलकर की शादी की सालगिरह के अवसर पर वे अपने हाथों से यह शाही लीची उन्हें सौंपते हैं।

 

इस परंपरा पर बात करते हुए सुधीर कुमार गौतम ने कहा, “सचिन सर को मुजफ्फरपुर की रसीली शाही लीची बेहद पसंद है। यही वजह है कि मैं इसे अपने हाथों से लेकर जाना कभी नहीं भूलता। इस बार भी दो बक्सा बेहतरीन लीची लेकर मुंबई रवाना हो रहा हूं, ताकि उनकी शादी की सालगिरह पर इसे भेंट कर उनका आशीर्वाद ले सकूं।”

 

 

6 साल की उम्र में माना भगवान

 

सुधीर कुमार गौतम की सचिन तेंदुलकर के प्रति दीवानगी और उनका जीवन किसी फिल्मी कहानी के किरदार से कम नहीं है। एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले सुधीर बचपन के दिनों से ही क्रिकेट और विशेष रूप से सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े दीवाने रहे हैं।स्थानीय लोगों और करीबियों के मुताबिक, महज छह साल की छोटी सी उम्र में ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श और भगवान मान लिया था। समय बीतने के साथ-साथ खेल के प्रति उनकी यह दीवानगी और सचिन के प्रति उनका समर्पण बढ़ता गया और आखिरकार यही उनके जीवन का एकमात्र सबसे बड़ा मकसद बन गई।

 

साइकिल से तय किया पाकिस्तान और बांग्लादेश तक का सफर

 

मुजफ्फरपुर की तंग गलियों से निकलकर सुधीर ने अपने पसंदीदा खिलाड़ी और भारतीय टीम का हौसला बढ़ाने के लिए जो संघर्ष किया, वह मिसाल है। उन्होंने स्टेडियम में बैठकर सचिन को खेलते हुए देखने के लिए साइकिल से हजारों किलोमीटर की लंबी और कठिन यात्राएं कीं।भारत के अलग-अलग कोनों के अलावा, वे साइकिल से ही पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों तक का सफर तय कर चुके हैं। पूरे शरीर पर तिरंगा रंगे, पीठ पर ‘सचिन १०’ लिखे और हाथ में शंख व तिरंगा थामे सुधीर आज क्रिकेट जगत का एक जाना-माना चेहरा बन चुके हैं।

 

 

दुनिया भर में क्रिकेट देखने वाले करोड़ों लोग सुधीर गौतम को उनके इस बेमिसाल समर्पण की वजह से बखूबी पहचानते हैं। मुजफ्फरपुर की शाही लीची की यह मिठास और सुधीर का यह अटूट प्रेम एक बार फिर खेल और खिलाड़ी के बीच के इस खूबसूरत रिश्ते को बयां कर रहा है।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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