“काली कमाई अय्याशी में लुटाई:DSP की पांचवीं महिला मित्र का पता चला…
पटना.आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार के काले कारनामों का दायरा भी फैलता जा रहा है। जांच में न केवल करोड़ों की अवैध संपत्ति का पता चला है, बल्कि उसकी अय्याशी की कहानियां भी सामने आई हैं। उसकी महिला मित्रों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। पहले दो का ही पता चला था, अब बढ़कर पांच हो गई है।
उनमें एक पटना के कुर्जी में भी रहती है। ईओयू ने कुर्जी में रहने वाली प्रेमिका के ठिकाने पर छापेमारी की तो वह फरार हो गई। उसने एक करीबी रिश्तेदार को भी प्रेमजाल में फंसाया है। इस रिश्तेदार प्रेमिका के बैंक खाते के पेपर, एटीएम कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट गौतम के पास मिले। वह बैंककर्मी है और सिलीगुड़ी में पोस्टेड है।
गौतम की पोल खुलने के बाद ईओयू के रडार पर किशनगंज और पूर्णिया के चार एसडीपीओ हैं। जांच एजेंसी इन सबकी जांच करने में जुटी है। वहां के एसपी रहे अधिकारी भी जांच के लपेटे में आ सकते हैं।
रडार पर किशनगंज और पूर्णिया के चार एसडीपीओ
गौतम की महिला मित्र:
पहली: पूर्णिया की रहने वाली है। इसके नाम पर पूर्णिया में जमीन खरीदी।
दूसरी: पूर्णिया की नौकरानी है। यह काम पर थार से आती-जाती थी, जो गौतम ने ही दी थी।
तीसरी: पुलिसकर्मी है। उसके लिए गौतम ने दो मंजिला मकान बनाया और स्कॉर्पियो भी खरीद कर दी।
चौथी: यह रिश्तेदार है, बैंककर्मी है और सिलीगुड़ी में पोस्टेड है।
पांचवीं: पटना के कुर्जी की है। ईओयू ने उसके ठिकाने पर छापेमारी की तो वह फरार हो गई।
गौतम के सिंडिकेट के 2 राजदार
राजदार नंबर-1: अभिषेक कुमार रंजन (निलंबित नगर थानेदार, किशनगंज) किशनगंज के निलंबित नगर थानेदार अभिषेक कुमार रंजन और गौतम कुमार ने जमकर काली कमाई की। दोनों एक-दूसरे के राजदार हैं। गौतम के मोबाइल की सीडीआर (CDR) से ही अभिषेक का पता चला था। उसके बाद अभिषेक के ठिकाने पर ईओयू ने 13 अप्रैल को छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, अभिषेक कई बार गौतम के साथ सिलीगुड़ी गया था। अभिषेक ने 17 लाख रुपए प्रति कट्ठा के हिसाब से बागडोगरा में 6 कट्ठा जमीन खरीदी थी। साढ़े तीन कट्ठा जमीन अपनी पत्नी तो ढाई कट्ठा अपने साले के नाम पर ली। एक करोड़ से अधिक की जमीन के लिए 84 लाख रुपए कैश में पेमेंट किया।
राजदार नंबर-2: होटल संचालक (रामपुर चेकपोस्ट, बंगाल सीमा) गौतम कुमार का एक और राजदार किशनगंज का एक होटल संचालक है। उसका बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर रामपुर चेकपोस्ट के पास होटल है। गौतम और अभिषेक रंजन तस्करों और माफियाओं से काली कमाई का पैसा यहीं पेमेंट कराते थे। दोनों की बैठकें भी यहीं होती थीं। जांच में यह भी पता चला कि इस होटल संचालक के चालक के नाम से गौतम ने एक थार खरीदी थी। हालांकि पूछताछ में गौतम ने कहा था कि होटल संचालक ने थार गिफ्ट की थी। ईओयू इस होटल संचालक से भी पूछताछ करेगी। इसकी कुंडली खंगाली जा रही है।
सीमा सुरक्षा से समझौता: एक्शन ‘0’ होने से रडार पर आया था गौतम
किशनगंज सीमांचल इलाके का बेहद संवेदनशील जिला है। एक तरफ नेपाल तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल है। नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से बिहार में पहली एंट्री इसी इलाके से होती है। यहां से बांग्लादेश बॉर्डर भी बहुत दूर नहीं है। तस्करों के आने-जाने का भी यह रास्ता है। नवंबर 2025 से पहले किशनगंज में पुलिसिया कार्रवाई को लेकर एसएसबी (SSB) और आईबी (IB) ने एक इंटरनल रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी थी।
केंद्र सरकार ने वह रिपोर्ट बिहार पुलिस मुख्यालय को भेजी। रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय ने सीमांचल में पिछले दो साल में की गई कार्रवाई की लिस्ट निकाली। इसमें जाली नोट, शराब तस्करी, आर्म्स रिकवरी, नारकोटिक्स रिकवरी, पशु तस्करी और एंट्री माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में किशनगंज का डाटा शून्य (जीरो) निकला। यहीं से गौतम कुमार रडार पर आ गया। ईओयू ने उसके छह ठिकानों पर 31 मार्च को छापेमारी की।
9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।
