DMCH में परिजन खुद काट रहे बच्चों के प्लास्टर; स्टाफ ने बोला था,डॉक्टर नहीं खोल रहे,खुद से खोलो
दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सर्जिकल भवन स्थित ऑर्थो विभाग में मरीजों के प्लास्टर अस्पताल कर्मियों की बजाय उनके परिजन खुद ब्लेड से काटते नजर आए। जिससे मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इसका वीडियो भी सामने आया है।बच्चे के पिता सोनू कुमार ने बताया कि वे लोग अपनी मर्जी से प्लास्टर नहीं खोल रहे हैं, बल्कि अस्पताल स्टाफ के कहने पर ऐसा कर रहे हैं। “मैं अपने मन से प्लास्टर नहीं खोल रहा हूं। मैडम ने कहा है कि प्लास्टर खोल दो। सब लोग खुद से खोल रहे हैं। डॉक्टर नहीं खोल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि खुद से प्लास्टर खोलकर रखिए, फिर देखेंगे।”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह कोई एक-दो मामला नहीं बल्कि दर्जनों मरीजों के साथ ऐसा होते देखा गया। खासकर छोटे-छोटे बच्चों के प्लास्टर उनके पिता और अन्य परिजन खुद काट रहे थे। यह नजारा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि बेहद खतरनाक भी माना जा रहा है।
सोनू कुमार, मुस्कान और राजू सहनी ने बताया कि “यहां आने के बाद हम लोगों को कहा गया कि खुद से ही प्लास्टर खोलिए, इसलिए हम लोग ऐसा कर रहे हैं।”बता दें कि प्लास्टर काटना एक तकनीकी प्रक्रिया है, जिसे विशेष उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों की ओर से किया जाना चाहिए। ब्लेड या अन्य धारदार वस्तु से प्लास्टर काटने में जरा सी चूक से मरीज को गंभीर चोट लग सकती है या संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
तारसराय मुड़िया से आए राजू सहनी ने बताया कि वे अपने बच्चे को डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। “आज डॉक्टर से दिखाना था। यहां आए तो देखा कि सभी लोग अपने-अपने बच्चों का प्लास्टर खुद खोल रहे हैं, तो मैं भी अपने बच्चे का प्लास्टर खुद से खोलने लगा।”
एक बच्चे की मां मुस्कान ने बताया कि उन्हें अस्पताल में प्लास्टर खुद खोलने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा- “हमें बोला गया है कि खुद से प्लास्टर खोलिए। जब मैं यहां आई तो मैंने देखा कि सभी लोग अपने-अपने बच्चों का प्लास्टर खोल रहे हैं, तो मैं भी अपने बच्चों का प्लास्टर खोल रही हूं। मैं करीब 60 किलोमीटर दूर मंसारा गांव से यहां आई हूं।”इस पूरे मामले पर जब अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने वीडियो देखने के बावजूद कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और मामले को ऑर्थो विभागाध्यक्ष के जिम्मे बता दिया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
