गांधीजी की चंपारण यात्रा: एक साल का लक्ष्य, चार साल में भी नहीं हो सका पूरा
भितिहरवा (पश्चिम चंपारण)। चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष 2017 में चंपारण में गांधीजी से जुड़े स्थलों के विकास और उनके आंदोलन के बारे में देश-दुनिया को बताने के लिए कई निर्माण कार्यों का शिलान्यास हुआ था। एक साल में सभी कार्य पूरे कर लेने थे, लेकिन आज तक नहीं हो सका है। काम में अत्यधिक विलंब होने से दो ठीकेदारों को बदला गया, बावजूद इसके कार्य तय समय पर पूरा नहीं हो सका। कई कार्यों के लिए अभी टेंडर की प्रक्रिया ही चल रही है। इसमें दो माह का समय लग सकता है। अब इस साल दिसंबर तक का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने रखी थी नींव
बेतिया के भितिहरवा में 2017 में ‘गांधी फार टुमारो’ थीम पार्क की नींव 20 नवंबर, 2017 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी थी। पांच एकड़ में 16 करोड़ की लागत से इसका निर्माण शुरू हुआ। यहां गांधीजी की आदमकद प्रतिमा भी लगनी है। साथ ही, चार करोड़ की लागत से बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण हो रहा है। इसमें 200 लोगों की क्षमता का सभागार बनाने की भी योजना है। आज तक ये निर्माण पूरे नहीं हो सके हैं। पर्यटकों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस का निर्माण भी लंबित है।स्वतंत्रता सेनानी मुकुटधारी चौहान के पौत्र चंंदन चौहान बताते हैं कि ऐतिहासिक और पवित्र स्थलों के विकास कार्य पर ध्यान देना चाहिए। इसे समय से पूरा करना चाहिए, ताकि यह जल्द पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सके। यहां निर्माण कार्यों की मानीटरिंग नहीं हो सकी।
टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही तेजी से होगा काम
पर्यटन विभाग, पटना के कनीय अभियंता कमलेश कुमार पांडेय बताते हैं कि थीम पार्क की बाउंड्री का काम पूरा कर लिया गया है। बहुद्देश्यीय भवन, कैंटीन सहित अन्य काम भी प्रगति पर है। प्रयास है कि इस वर्ष के अंत तक थीम पार्क का काम पूरा कर लिया जाए। धीमी गति से निर्माण के कारण कार्यों के लिए टेंडर की नई प्रक्रिया शुरू की गई है। पूरी होते ही इसे तीव्र गति से पूरा किया जाएगा।
9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।
