सरोज हत्याकांड में तीन को सश्रम उम्रकैद व 10 हजार जुर्माना
समस्तीपुर । ढाई वर्ष पूर्व हसनपुर थाना क्षेत्र में रोसड़ा के महुली निवासी युवक सरोज की हत्या मामले मे दोषी करार दिए गए तीनों अभियुक्तों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राजीव रंजन सहाय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही जुर्माने की राशि भी अदा करनी होगी। मंगलवार को हसनपुर थाना कांड संख्या 213/2019 से संबंधित सत्रवाद संख्या 62/2020 में सजा की बिदु पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने हसनपुर थाना के बेला निवासी मनीष यादव एवं छोटू यादव तथा बेगूसराय जिला के छौड़ाही ओपी अंतर्गत सिहमा निवासी कृष्ण कुमार राय को विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई है । भादवि की धारा 302/34 में तीनों को सश्रम आजीवन कारावास तथा 10 -10 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का आदेश दिया है। वहीं 27(1) आर्म्स एक्ट में 3 वर्षों का कठोर कारावास एवं 3 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 3 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास का आदेश पारित किया गया है। सुनवाई के दौरान सरकार पक्ष से अपर लोक अभियोजक शिव शंकर प्रसाद यादव तथा बचाव पक्ष से अधिवक्ता शतीकांत सहनी एवं रविद्र नाथ ठाकुर ने अपना अपना पक्ष रखा। जानकारी के अनुसार वर्षों चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से कई गवाहों की गवाही के बीच अभियोजन पक्ष द्वारा मृतक के बयान से संबंधित एक पेन ड्राइव भी न्यायालय को उपलब्ध कराया गया था। जिसमें मरने से पूर्व मृतक सरोज यादव का बयान रिकॉर्ड था। रुपए के लेन-देन में घर से बुलाकर सरोज को मारी थी गोली
करीब ढाई वर्ष पूर्व 17 अक्टूबर 2019 को रोसड़ा थाना के महुली निवासी महेंद्र यादव के पुत्र सरोज यादव को अपराधियों ने गोली मार दी थी। आनन-फानन में परिजनों ने उसे अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया था। प्राथमिक उपचार के पश्चात बेगूसराय के निजी क्लीनिक में इलाज के क्रम में युवक की मौत हो गई थी। इस संबंध में मृतक के भाई मनोज यादव द्वारा हसनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसमें हसनपुर थाना क्षेत्र के ही बेला निवासी मनीष यादव तथा भुवनेश्वर यादव के पुत्र छोटू यादव एवं सिहमा निवासी शंभू राय के पुत्र कृष्ण कुमार राय के अलावा दो अज्ञात अपराधियों को आरोपित किया था। मनोज ने पैसा के लेनदेन में अपने भाई की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा था कि अपराधियों द्वारा फोन करके बुलाने पर सरोज गांव के मंटुन दास के साथ बाइक पर सवार होकर सोनू चिमनी के निकट पहुंचा । और वही करीब 7 बजे संध्या में उक्त आरोपियों ने उसे गोली मार दिया । जख्मी अवस्था में सरोज द्वारा किए गए फोन पर ही परिजन घटनास्थल पर पहुंच उसे अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाए थे। रेफर होने के पश्चात बेगूसराय में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।