गोपाल खेमका हत्याकांड- सुपारी देने वाला ही बना शूटर:मर्डर का कॉन्ट्रैक्ट..
पटना.4 जुलाई (शुक्रवार) रात करीब 11 बजे बिहार के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका की उनके अपार्टमेंट की गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी जाती है। मर्डर का सीसीटीवी भी सामने आता है।पटना के पॉश इलाके में हाई प्रोफाइल मर्डर से पुलिस सकते में आ जाती है। पुलिस धर पकड़ तेज करती है। शनिवार को पुलिस बेउर जेल में छापेमारी करती है। मर्डर के करीब 72 घंटे बाद यानी सोमवार को पुलिस गोपाल खेमका मर्डर केस में शामिल शूटर और मास्टरमाइंड को अरेस्ट करने का दावा करती है।
मंगलवार को DGP खुद पीसी करते हैं और बताते हैं कि, आखिर गोपाल खेमका की हत्या क्यों और किन लोगों ने की। गोपाल खेमका के शूटर उमेश के बारे में बताया जाता है कि, उसने पहले कारोबारी के मर्डर के ठेका देना का सोचा था, लेकिन हत्या की सुपारी लेने वाला मोटी रकम मांग रहा था।
लिहाजा सुपारी देने वाला ही शूटर बन गया। 4 लाख में डील हुई। 50 हजार एडवांस दिए गए। शूटर को जो एडवांस मिला उसने उस पैसे से बच्चों की फीस दे दी। मर्डर करावाने का आरोप बिल्डर अशोक शाह पर। पुलिस बताती है कि, अशोक साह ने जमीन विवाद में गोपाल खेमका की हत्या करवाई।
पढ़िए आखिर कैसे पुलिस गोपाल खेमका के शूटर और मास्टरमाइंड तक पहुंची और एनकाउंटर में मारे गए विकास का इस केस में क्या रोल था।
4 जुलाई की रात गोपाल खेमका की हत्या की सीसीटीवी सामने आया। पुलिस के लिए बड़ा क्लू थी। सीसीटीवी में शूटर दिख रहा था। उसकी कद काठी और कपड़े भी साफ दिख रहे थे। सीसीटीवी पुलिस के बड़ा क्लू था। पुलिस ने शूटर के भागने की दिशा में लगे सीसीटीवी को खंगालना शुरू किया। पुलिस की जांच यह बात सामने आई कि स्कूटी के नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई है।पुलिस जांच का दायरा बढ़ाती गई और स्कूटी जिसके नाम पर रजिस्ट्रर थी उसके घर पहुंच गई। पूछताछ हुई तो उसने उमेश के बारे में बताया। उमेश पटना सिटी के मालसलामी इलाके का रहने वाला है।पुलिस उमेश के घर पहुंची। पुलिस ने उमेश से पूछताछ की। थोड़ी सख्ती के बाद उमेश टूट गया। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मर्डर के दिन जो कपड़े, जूता और मास्क उमेश ने पहन रखा था। वो उसके घर से बरामद कर लिया गया।हत्या के लिए उमेश ने जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया था वो भी उसके घर के ऊपर वाले कमरे से मिला। 59 कारतूस भी पुलिस ने जब्त किया।
मर्डर के अगले दिन हुआ पूरा पेमेंट
उमेश ने पुलिस को बताया कि मर्डर के अगले दिन 5 जुलाई को जेपी गंगा पथ पर अशोक साह ने बाकी के 3.50 हजार का पेमेंट किया और कहा कि अब हमारी बात नहीं होगी।
उमेश ने खोला मास्टरमाइंड का नाम
उमेश से पूछताछ के बाद पुलिस को यह जानकारी मिल चुकी थी कि इस हाई प्रोफाइल मर्डर के पीछे कौन है। पुलिस सोमवार की रात कोतवाली थाना इलाके के उदयगिरी अपार्टमेंट पहुंची और फ्लैट नंबर 601 कमरे में दबिश दी। यहीं से अशोक साह पकड़ा गया। फ्लैट से कैश, एक पिस्टल, जिंदा कारतूस के साथ जमीन के कई कागजात बरामद किए गए। गोपाल खेमका मर्डर केस में मास्टरमाइंड और शूटर को तो पुलिस पकड़ चुकी थी।
दरअसल, मंगलवार की रात करीब 2.45 मिनट पर जिस विकास का एनकाउंटर हुआ। अब उसके बारे में जानिए। विकास एक शातिर अपराधी था। उस पर कई मामले दर्ज थे।बिल्डर अशोक साह ने गोपाल खेमका की हत्या की सुपारी उमेश को दी थी। 4 लाख में हत्या की डील हुई थी। उमेश ने सोचा मर्डर का ठेका मालसलामी के ही रहने वाले विकास को दे दिया जाए। उमेश ने विकास से मर्डर करने की बात की, लेकिन विकास ने इसके लिए 4 लाख की डिमांड की दी। यहीं दानों की बात बिगड़ गई।
उमेश ने सोचा क्यों ने खुद ही मर्डर कर सुपारी के पूरे पैसे रख लिया जाए। इसके बाद बिल्डर अशोक साव उमेश को पिस्टल और हथियार मुहैया करवाया। साथ ही गोपाल खेमका का फोटो और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिया।मंगलवार की रात करीब 2.45 बजे पुलिस विकास के घर पहुंची। पुलिस को देखते ही विकास ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली जिसमें विकास मारा गया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
