हत्या की धमकी दी, इसलिए मांग में सिंदूर डाला’:34 साल की महिला से पकड़ौआ शादी
बेगूसराय.मैं पढ़ाई-लिखाई करने वाला लड़का हूं। गुरुवार को कॉलेज गया था। वहां मुझे महिला मिल गई। महिला ने कहा कि तुम मुझे मेरे घर पहुंचा दो। चूंकि उसको मैं पहले से जानता था, इसलिए मैं उसे घर ले जाने के लिए तैयार हो गया।जब महिला को घर लेकर पहुंचा तो उसकी मां ने कहा कि रात ज्यादा हो गई है, तुम घर पर ही रुक जाओ। मैंने उनकी बात मान ली और रात को उनके घर ही रुक गया। अचानक देर रात 10 लड़के आए और जबरन महिला से मेरी शादी करा दी। महिला की उम्र 34 साल है, एक बच्चे की मां है, मैं इस शादी को नहीं मानता हूं, ये पकड़ौआ विवाह है।’
खगड़िया के रहने वाले और बेगूसराय के जीडी कॉलेज से B.A की पढ़ाई करने वाले छात्र नीतीश कुमार ने ये बातें शुक्रवार को पटना के बाढ़ सिविल कोर्ट में कही।नीतीश का आरोप है कि जबरन उसकी शादी हाथीदह में रहने वाली एक बच्चे की मां सीता देवी से करा दी गई। मैं महिला की छोटी बहन से शादी करना चाहता था, लेकिन मुझे जान से मारने की धमकी देकर ये शादी कराई गई है, मैं इस शादी को नहीं मानता। नीतीश और सीता देवी की शादी का एक वीडियो भी सामने आया है।
नीतीश और सीता की शादी का क्या मामला है? नीतीश ने जबरन शादी को लेकर क्या-क्या बताया? दुल्हन बनी महिला सीता ने अफेयर की क्या कहानी बनाई? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
खगड़िया जिले के चौथम के रहने वाले नीतीश कुमार ने बताया कि मेरी बहन की शादी बाढ़ के पास हाथीदह इलाके में हुई है। दो से ढाई महीने पहले मेरे जीजा के किसी रिश्तेदार के घर शादी थी। मैं शादी में गया था।नीतीश ने बताया कि शादी में सीता से मेरी मुलाकात हुई। मैंने अपना परिचय दिया। फिर हम दोनों के बीच शादी वाले दिन काफी देर तक बातचीत हुई। बातचीत में बताया कि मैं स्टूडेंट हूं, लेकिन घर वाले मेरे लिए लड़की देख रहे हैं। कई रिश्ते आ रहे हैं, लेकिन मुझे कोई लड़की पसंद नहीं आ रही है।
इसी दौरान सीता ने कहा कि मेरी एक बहन है, उसका नाम ईशा है, वो भी तुम्हारी उम्र की है। देखने में सुंदर है, मैं तुम्हारी शादी ईशा से करा दूंगी। नीतीश ने कहा कि इसके बाद हम दोनों ने एक-दूसरे का नंबर ले लिया। मैं जीजा के घर से शादी के बाद अपने घर चला आया। इसके बाद सीता और मेरी मोबाइल पर ही बातचीत होने लगी।
‘गुरुवार को कॉलेज गया तो सीता ने मुझसे मिलने की जिद की’
बातचीत के दौरान मैंने सीता से अपनी शादी की बात की। वो मुझे हर बार लड़की दिखाने की बात कहती रही। नीतीश ने बताया कि गुरुवार को मैं बेगूसराय में जीडी कॉलेज गया था, जहां मुझे अपना रिजल्ट भी लेना था और बीए फोर्थ सेमेस्टर में एडमिशन भी कराना था। इसी दौरान सीता का मुझे कॉल आया। मैंने बताया कि मैं बेगूसराय आया हूं। इसके बाद सीता ने कहा कि मैं तुमसे मिलने आ रही हूं। नीतीश ने बताया कि मुझे लगा कि इसी तरह मिलने आ रही होगी।
नीतीश ने बताया कि मैं कॉलेज के पास सीता का इंतजार करने लगा। शाम को करीब 3-4 बजे सीता आई। हम दोनों बताचीत करने लगे। इसी दौरान अंधेरा होने लगा। सीता ने मुझसे कहा कि तुम मुझे घर छोड़ दो।चूंकि मेरी सीता से बातचीत होती थी, इसलिए मैंने सोचा कि सीता को घर छोड़कर मैं अपने घर चला जाऊंगा। मैं सीता को लेकर उसके घर चला गया। जब मैं उसके घर पहुंचा तो चाय-नाश्ता करते-करते अंधेरा हो गया। तब सीता की मां ने कहा कि तुम इतनी रात को बाइक से अपने घर कैसे जाओगे, आज रात तुम मेरे घर रूक जाओ, सुबह आराम से घर चले जाना।
‘रात को अचानक 10 लड़के आए, जान से मारने की धमकी दी’
नीतीश ने बताया कि मैं खाना खाकर सो गया। देर रात अचानक करीब 10 लड़के आए और मुझे उठाया, कहा कि जल्दी तैयार हो जाओ, मंदिर चलना है। मैंने पूछा कि इतनी रात को मंदिर क्यों, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।हालांकि, मैं जैसे कपड़े पहनकर बाहर निकला तो देखा कि सीता दुल्हन की ड्रेस में खड़ी थी। मैंने पूछा कि तुम्हारी शादी है, बताया नहीं। इसके बाद लड़कों ने कहा कि चुपचाप ऑटो मैं बैठ जाओ, तुम्हारी और सीता की शादी करानी है, अगर तुमने विरोध किया तो तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी।
नीतीश ने कहा कि मैंने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन लड़कों ने मुझे पकड़ लिया और जबरन ऑटो मैं बैठाकर मंदिर ले गए। मंदिर में मुझसे जबरन सीता के मांग में सिंदूर डलवाया गया। चूंकि लड़कों ने मुझे जान से मारने की धमकी दी थी, इसलिए मैं डर गया था और मंदिर में मुझसे जो भी रस्म अदा करने की बात कही गई, मैंने बिना किसी सवाल के उन रस्मों को पूरा कर दिया।नीतीश ने कहा कि अगले दिन जब मैं घर जाने लगा, तो सीता के घर वालों ने कहा कि अभी शादी को कोर्ट में रजिस्टर कराना बाकी है। फिर सीता के साथ मुझे बाढ़ सिविल कोर्ट ले जाया गया, जहां मैंने मैरिज रजिस्टर में साइन करने से इनकार कर दिया।
नीतीश ने सीता संग शादी को पकड़ौआ विवाह करार दिया, वहीं सीता ने उससे अलग कहानी बताई। सीता ने बताया कि हाथीदह में शादी के दौरान हम दोनों की मुलाकात हुई और एक दूसरे का नंबर लिया। जब हम दोनों की मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई तो कुछ दिनों में ही नीतीश ने मुझसे शादी की इच्छा जताई।मैंने पहले भी नीतीश को बताया था कि मैं एक बच्चे की मां हूं, बच्चा मेरे साथ रहता है, 10 साल पहले मैंने पति को तलाक दे दिया था।
शादी के लिए इच्छा जताने के बाद मैंने दोबारा नीतीश को समझाया, लेकिन वो शादी की जिद पर अड़ गया। नीतीश ने कहा कि मैं तुमसे शादी करूंगा, तुम्हारी और बच्चे की देखभाल करूंगा, अपने घर लेकर जाऊंगा।सीता ने कहा कि चूंकि पति से मेरा तलाक हो गया था, बच्चे को भी देखभाल की जरूरत थी। मैंने अपने और अपने बच्चे के फ्यूचर के लिए नीतीश से शादी के लिए हामी भर दी।
‘नीतीश ने ही कॉलेज आने की जानकारी दी, मिलने के लिए मुझे बुलाया’
सीता ने बताया कि हम दोनों की 2 महीने तक बातचीत हुई। गुुरुवार को नीतीश घर से बेगूसराय आया था। उसने ही मुझे कॉल करके कॉलेज आने की जानकारी दी और मिलने की इच्छा भी जताई। मैं कुछ घंटे बाद नीतीश के पास पहुंची। आने में जब शाम हो गई, तो मैंने नीतीश से कहा कि तुम मुझे घर छोड़ दो।जब नीतीश मेरे घर आया तो मैंने अपने घर वालों से उसका परिचय कराया। घरवालों को मैंने बताया था कि नीतीश मुझसे शादी करना चाहता है। इसलिए मंदिर में हम दोनों की शादी करा दी गई। सीता ने बताया कि शादी के लिए किसी भी तरह की कोई जोर जबरदस्ती नहीं की गई है। नीतीश की ओर से लगाया गया आरोप बेबुनियाद है।
उसने बताया कि शुक्रवार को हम लोग शादी को कोर्ट में रजिस्टर कराने के लिए आए, लेकिन कोर्ट में नीतीश ने साइन करने से इनकार कर दिया और इस शादी को पकड़ौआ विवाह बता रहा है। मैंने नीतीश को बताया था कि मेरे बैंक अकाउंटर में 6 लाख रुपए है, एलआईसी है, तो इसने कहा कि ठीक है, रुपए मेरे अकाउंट में डाल दो, मैं तुमसे शादी कर लूंगा।सीता ने बताया कि शादी का वीडियो भी बनाया गया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि शादी को लेकर नीतीश खुश है। वीडियो में कही भी उसके साथ किसी रस्म को निभाने के दौरान जोर जबरदस्ती नहीं की गई है। पंडित और मेरे घरवालों ने जिन रस्मों को निभाने को कहा, नीतीश ने आराम से उन रस्मों को निभाया।
शुक्रवार को बाढ़ सिविल कोर्ट में जब नीतीश ने मैरिज रजिस्टर पर साइन करने से इनकार करते हुए हंगामा किया तो वहां मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस भी आ गई। दोनों की बात सुनने के बाद नीतीश और सीता को हाथीदह थाना ले जाया गया।शनिवार को बातचीत में हाथीदह थाना के SHO अभिषेक कुमार ने बताया कि दूल्हा और दुल्हन दोनों बालिग थे। दोनों की काउंसिलिंग की गई। इसके बाद नीतीश अपने साथ सीता को घर ले जाने को तैयार हो गया। फिर सीता को नीतीश के साथ उसके घर भेज दिया गया।
तीन दशकों में बदला है पकड़ौआ विवाह का ट्रेंड
एडवोकेट सीमा ने पकड़ौआ विवाह के बदलते ट्रेंड को लेकर बताया- पकड़ौआ विवाह की शुरुआत दहेज की ज्यादा डिमांड से बचने के लिए हुई थी। गरीब घर की लड़की वाले ज्यादा दहेज देने में असमर्थ थे, वो पकड़ौआ विवाह करवा देते थे। फिर सरकारी नौकरी का चलन आया। अगर लड़का सरकारी नौकरी में है और वेल-सेटल्ड है, तो पकड़ के शादी कर देते थे।अब फिर से पकड़ौआ विवाह की शुरुआत हुई है, उसमें अंतर है। इस वक्त लड़के और लड़कियों का लव अफेयर बड़ा कारण है। ऐसी परिस्थिति में कई लड़के वादा करने के बाद भी शादी से इनकार कर देते हैं, तब उसे उठाकर पकड़ौआ विवाह कराया जाता है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
