बिहार में मात्र 15-20 हार्ट सर्जन,हार्ट सर्जरी सेवाओं को और सुलभ बनाने पर जोर
बेगूसराय.बिहार में हृदय शल्य चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण इलाज की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से हार्ट सर्जनों के संगठन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जन्स, बिहार की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। सर्वसम्मति से अगले दो वर्षों के लिए नई टीम चुनी गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार ने की।
नई कार्यकारिणी में एम्स पटना के डॉ. संजीव कुमार को अध्यक्ष, डॉ. मनमोहन प्रसाद को उपाध्यक्ष तथा बेगूसराय स्थित एलेक्सिया हॉस्पिटल के हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. धीरज शांडिल्य को सचिव चुना गया। डॉ. कुणाल कृष्ण और डॉ. प्रगति कपूर संयुक्त सचिव तथा डॉ. संतोष पांडेय को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। कार्यकारिणी में मेदांता, आईजीआईएमएस, एम्स, आईजीआईसी और हार्ट हॉस्पिटल पटना के विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी शामिल किया गया है।
बैठक में बिहार में हार्ट सर्जरी सेवाओं को और सुलभ बनाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों के बीच समन्वय बढ़ाने और इलाज की गुणवत्ता में सुधार पर विस्तार से चर्चा हुई। संगठन ने राज्य में हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि हृदय शल्य चिकित्सा चिकित्सा विज्ञान की सबसे जटिल विधाओं में से एक है, लेकिन पूरे देश में हार्ट सर्जनों की संख्या केवल 1500 से 2000 के बीच है। इनमें बिहार में विशेषज्ञ हार्ट सर्जनों की संख्या महज 15 से 20 के आसपास है। बैठक में पारस, मेदांता और अन्य प्रमुख अस्पतालों के कई वरिष्ठ हृदय शल्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
