प्रतिबंधित कोडीन कप सिरप के साथ पांच गिरफ्तार,जेल
दरभंगा। जमीनी विवाद की जांच कर रही पुलिस के हाथ अचानक नशे के सौदागर लग गए. वाहन चेकिंग के दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप की बोतलें मिलने पर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार सभी पांचों को जेल भेज दिया गया है.मामला 2 जून की है,जब बिरौल थाना के एसआई गजेन्द्र लाल उपाध्याय गश्त पर थे. दोपहर करीब 1:50 बजे सूचना मिली कि पीएनबी
शाखा बिरौल के पास वासुदेव पंडित की विवादित जमीन पर धारा 163 लागू होने के बाद भी राजेश नायक 15-20 लोगों के साथ कब्जा कर रहा है.
पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो भीड़ तितर-बितर हो गई. इसी दौरान वाहन संख्या बीआरओ 1 जिएक्स 3683 में बैठे चार लोग भागने लगे. संदेह होने पर पुलिस ने गाड़ी रोकी और सभी को थाने ले आई. थानाध्यक्ष चंद्रमणि के आदेश पर वाहन की तलाशी ली गई.
डिक्की में लाल थैले से 100 एमएल की 10 बोतलें बरामद हुईं. सभी पर कोडीन अंकित था. औषधि निरीक्षक अर्चना कुमारी को बुलाया गया. जांच में पुष्टि हुई कि यह प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप है. कुल 1 लीटर सिरप मिला. आरोपियों के पास कोई डॉक्टर की पर्ची या बिल नहीं था. पूछताछ में सभी ने गोलमोल जवाब दिए. पुलिस ने 4 बोतल जांच के लिए सील कर औषधि निरीक्षक को सौंप दी. शेष 700 एमएल सिरप मालखाना में रखा गया है. गिरफ्तार आरोपियों में चालक बबलू चौधरी गोविंदपुर, प्रवीण कुमार और सत्यनारायण राय दोनों नबटोलिया वार्ड 45, सूरज कुमार गोविंदपुर और मुनीन्द्र कुमार झा कबीलपुर , सभी थाना बहादुरपुर रहने वाले हैं.
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि प्रवीण कुमार के कहने पर सभी दरभंगा से बिरौल आए थे. प्रवीण ने राजेश नायक का नाम लिया. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जमीनी विवाद की आड़ में कफ सिरप की तस्करी की जा रही थी या नहीं. कोडीन सिरप का इस्तेमाल नशे के रूप में होता है. बिना प्रिस्क्रिप्शन रखना संज्ञेय अपराध है.
थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि थाना में पदस्थापित सअनि गजेंद्र लाल उपाध्याय के आवेदन पर कांड संख्या 357/26 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. वाहन भी जब्त कर लिया गया है. थानाध्यक्ष ने बताया कि वाहन मालिक की भूमिका की भी जांच हो रही है. इस कार्रवाई से इलाके में नशा तस्करों में हड़कंप है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
