गयाजी कॉलेज की छात्रा ने अस्पताल में दी परीक्षा :पहली मंजिल से कूदी थी
गया कॉलेज में बीएससी सेमेस्टर परीक्षा के दौरान पहली मंजिल से छलांग लगाने वाली छात्रा नैना कुमारी के मामले में नया मोड़ आया है। गंभीर रूप से घायल छात्रा ने शनिवार को अस्पताल में ही अपनी बीएससी हिंदी की परीक्षा दी। इस बीच, गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान और पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने व्हाइट हाउस स्थित निजी नर्सिंग होम पहुंचकर छात्रा और उसके परिजनों से मुलाकात की।
अस्पताल में भर्ती नैना कुमारी ने घटना के बारे में बताया कि परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन मिला था, जिसे उसने स्वयं वीक्षक को सौंप दिया था। छात्रा ने स्पष्ट किया कि वह मोबाइल लेकर जरूर आई थी, लेकिन उसने किसी प्रकार की नकल नहीं की थी। इसके बावजूद, परीक्षा के दौरान कुछ लोग कमरे में आए और उससे लगातार पूछताछ करने लगे।
शिक्षक पर वीडियो बनाने का आरोप
छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे परीक्षा कक्ष से बाहर धूप में खड़ा कर दिया गया और उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई। नैना के अनुसार, कुछ शिक्षक उसका वीडियो भी बनाने लगे थे। इस पूरे घटनाक्रम से वह बेहद घबरा गई और तनाव में आकर उसने पहली मंजिल से छलांग लगा दी।
दर्द से कराहती छात्रा ने कहा, “मेरे शरीर में काफी दर्द है, मैं ठीक से उठ भी नहीं पा रही हूं। एग्जाम सेंटर में मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।” उसने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ लोगों ने उसे ‘पागल’ तक कह दिया और सीटी स्कैन कराने की बात कही। छात्रा ने खुद को सामान्य बताते हुए कहा कि उसके साथ गलत व्यवहार किया गया।जनप्रतिनिधियों ने छात्रा के बेहतर इलाज, आर्थिक सहयोग और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए और इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए।
छात्रा की इस आपबीती ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात के दौरान मेयर गणेश पासवान ने कहा कि छात्रा ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला मानसिक प्रताड़ना का प्रतीत होता है और इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मेयर ने कहा- छात्रा दवाब महसूस कर रही
मेयर ने कहा, “एक छात्रा परीक्षा देने गई थी, लेकिन जिस परिस्थिति में उसने यह कदम उठाया, वह बेहद चिंताजनक है। छात्रा ने बताया है कि वह मानसिक दबाव और प्रताड़ना महसूस कर रही थी। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।” उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों से भी बातचीत कर छात्रा के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही छात्रा के पिता को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए कहा कि परिवार को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज छात्रा और उसके परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रा के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और इसके लिए उन्होंने चिकित्सकों से विशेष रूप से बात की है। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है। एक छात्रा को ऐसी परिस्थिति में पहुंचना पड़े, यह शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। हमारी कोशिश है कि छात्रा जल्द स्वस्थ हो और उसे न्याय मिले।” गौरतलब है कि शुक्रवार को गया कॉलेज गया में सेमेस्टर परीक्षा के दौरान यह घटना हुई थी। छात्रा द्वारा पहली मंजिल से छलांग लगाने के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। गंभीर रूप से घायल छात्रा को तत्काल शहर के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
इस घटना के बाद छात्र-छात्राओं और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच भी नाराजगी देखी जा रही है। कई छात्र संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं पुलिस भी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सच सामने आता है और छात्रा को न्याय कब तक मिल पाता है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
