5 दिन बाद बेगूसराय में मिली ट्रेन से गायब प्रज्ञा: फरवरी में की थी लव मैरिज
बेगूसराय.केदारनाथ यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से लापता हुईं 29 साल की प्रज्ञा सिंह पांच दिन बाद बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिल गई। पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर हरिद्वार के लक्सर थाने पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। थाने में प्रज्ञा का पूरा परिवार भी मौजूद है।
प्रज्ञा ने पुलिस को बताया कि पति से किसी बात को लेकर नाराजगी थी। इसलिए मैं ट्रेन से उतरकर बेगूसराय आ गई थी।पुलिस सूत्रों के मुताबिक ट्रेन से उतरने के बाद प्रज्ञा ने अपने पति को फोन किया और बताया कि हम अपने मौसी के घर बेगूसराय आ गई हूं। प्रज्ञा के पति ने यह सूचना पुलिस को दी थी। फिर हरिद्वार पुलिस बेगूसराय पहुंची और प्रज्ञा को उसके मौसी के यहां से बरामद कर अपने साथ ले गई।
इस पूरे मामले में देहरादून ग्रामीण के SP शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि प्रज्ञा के लापता होने की सूचना मिलने के बाद लक्सर थाने में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और ट्रेन रूट के आधार पर कई टीमें बनाकर जांच शुरू की।
प्रज्ञा सिंह 5 मई की रात अपने पति मनीष के साथ देहरादून से गाजियाबाद जा रही नंदा देवी एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं। पति मनीष के मुताबिक, हरिद्वार तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, इसके बाद उन्हें नींद आ गई।मनीष ने बताया कि रात में मुजफ्फरनगर के पास उनकी आंख खुली तो प्रज्ञा सीट पर नहीं थीं। शुरुआत में उन्हें लगा कि वह वॉशरूम या किसी दूसरी बोगी में होंगी, लेकिन काफी देर तक तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने पूरी ट्रेन में खोजबीन की।
प्रज्ञा के भाई विभूम के अनुसार, रात करीब 1 बजे मनीष अग्रहरि ने परिवार को फोन कर प्रज्ञा के लापता होने की जानकारी दी। इसके बाद मनीष मुजफ्फरनगर स्टेशन पर उतरे और रेलवे पुलिस से मदद मांगी।परिवार का आरोप है कि स्टेशन पर CCTV फुटेज देखने की कोशिश की गई, लेकिन वहां कैमरे बंद मिले। बाद में रुड़की स्टेशन पर भी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।
लक्सर के पास मिली आखिरी लोकेशन
परिवार के अनुसार, प्रज्ञा के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन लक्सर के आसपास मिली थी। बताया जा रहा है कि इस रूट पर ट्रेन एक मोड़ के पास धीमी होती है। इसी के बाद परिवार ने हरिद्वार जिले के लक्सर थाने में प्रज्ञा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।भाई विभूम का कहना है कि 6 मई की रात करीब 2 बजे से पूरा परिवार लगातार प्रज्ञा की तलाश में जुटा हुआ है। पुलिस की टीम भी खोजबीन कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
परिवार ने रुड़की से मुजफ्फरनगर के बीच रेलवे ट्रैक पर पैदल चलकर भी तलाश की। कई किलोमीटर तक पुलिस के साथ सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आई।
पूरी ट्रेन में तलाश के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
मनीष ने दोनों वॉशरूम चेक किए और आसपास के डिब्बों में भी पूछताछ की, लेकिन प्रज्ञा का कोई पता नहीं चला। उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था। ट्रेन स्टेशन पर रुकी तो वहां भी खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और बाद में मामला रुड़की थाने ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
लगातार 5 दिन की तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में हैं। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया। पति मनीष ने बताया कि पुलिस ने उन्हें सूचना दे दी है और संभावना है कि प्रज्ञा को जल्द लक्सर लाया जाएगा। इसके बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।फिलहाल पुलिस ने प्रज्ञा को अपनी कस्टडी में रखा है और उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनके बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला स्वेच्छा से कहीं जाने का था, किसी दबाव का या इसके पीछे कोई और कारण है। उधर, पिछले पांच दिनों से रुड़की में डेरा डाले परिवार वालों ने राहत की सांस ली है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
