PNG के रजिस्ट्रेशन फीस में 10 गुणा की वृद्धि गलत: केंद्रीय मंत्री ने चिंता जताई,कहा- ये आम जनता पर बोझ
बेगूसराय कलेस्ट्रेट के कारगिल विजय भवन में शुक्रवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्थानीय सांसद सह केंद्रीय गिरिराज सिंह ने की। इस दौरान जिले में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई और अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ काम करने की हिदायत दी गई।
बैठक के बाद गिरिराज सिंह ने पीएनजी (PNG) के पंजीकरण शुल्क में हुई अप्रत्याशित वृद्धि पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बैठक में अनियमितता के कई गंभीर विषय उठे हैं।पीएनजी का विषय प्रमुख था, पहले के पंजीकरण शुल्क 600 को बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। यह आम जनता पर अतिरिक्त बोझ है। उम्मीद है कि अगली बैठक तक इन विसंगतियों पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।
समीक्षा के दौरान मनरेगा के तहत जिले के प्रदर्शन को सराहा गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बेगूसराय ने लक्ष्य से कहीं अधिक 136 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए 47.86 लाख मानव-दिवस का सृजन किया है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में जीविका के कार्यों की भी प्रशंसा हुई। जिला प्रबंधक ने बताया कि जीविका दीदियों द्वारा लिए गए ऋण का NPA मात्र 0.17 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।
विकास योजनाओं में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने इसे महिलाओं की ईमानदारी और आर्थिक अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और उज्ज्वला योजना जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति जांची। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।इस दौरान मृदा स्वास्थ्य कार्ड और ई-नाम के जरिए किसानों को डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने का निर्देश। आयुष्मान कार्ड के वितरण में तेजी लाने और अस्पतालों में सुविधाओं की निगरानी की बात कही गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अनाज के स्टॉक और वितरण में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए स्थानीय मुद्दे
बैठक में मौजूद पशुपालन मंत्री सुरेंद्र मेहता, विधायक कुंदन कुमार, जिप अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान और विधान पार्षद सर्वेश कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं, खासकर सड़क निर्माण और जल जमाव के मुद्दों को प्रमुखता से रखा। गिरिराज सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मामलों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
डीएम ने दिया समन्वय पर जोर
डीएम श्रीकांत शास्त्री ने सभी विभागों को दिशा की बैठक में लिए गए निर्णयों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने उप विकास आयुक्त और नगर आयुक्त को नियमित रूप से लंबित योजनाओं की समीक्षा करने को कहा। बैठक में एसपी मनीष, मेयर पिंकी देवी सहित सभी प्रखंडों के प्रमुख और अधिकारी उपस्थित थे। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम और बिहार गीत के साथ हुई।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
