Samastipur

एसडीएम ऑफिस में लिपिक-स्टेनो घूस लेते गिरफ्तार:70 हजार मांगा था..

भागलपुर सदर अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में सोमवार को निगरानी की टीम ने छापेमारी की। लिपिक (किरानी) और एक स्टेनो को 70 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।नाथनगर आपूर्ति कार्यालय में पदस्थापित अभिजीत कुमार को अपनी सेवा संपुष्टि (Service Confirmation) चाहिए थी। इसके लिए उन्होंने आवेदन दिया था। पर कर्मियों ने इसके लिए उनसे रुपए की डिमांड की थी। नहीं देने पर अभिजीत का काम पेडिंग में डाल रखा था।

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कई बार रिक्वेस्ट करने के बावजूद लिपिक मयंक कुमार और स्टेनो प्रेम कुमार बिना पैसे काम करने को तैयार नहीं हुए, जिसके बाद पीड़ित ने 27 मार्च को पटना स्थित निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

 

 

 

इशारों में रुपए देने को कहा

 

शिकायत के बाद निगरानी की टीम ने अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी। जिसमें पीड़ित अभिजीत का आरोप सही निकला। जिसके बाद निगरानी ने दोनों घूसखोर कर्मियों को गिरफ्तार करने का प्लान बनाया।पीड़ित को कहा गया था कि आप रुपए लेकर दोनों कर्मियों के पास जाएं। अभिजीत रुपए लेकर सोमवार को एसडीएम ऑफिस गए। वहां उन्हें पहले स्टेनो प्रेम कुमार मिला। प्रेम ने अभिजीत से इशारे में कहा कि रुपए लिपिक मयंक कुमार तो दीजिए।

 

हाथ पड़कर ऑफिस के बाहर ले गई टीम

 

लिपिक के पास अभिजीत रुपए लेकर गए। दूसरी तरफ निगरान की टीम पहले ऑफिस में सादे लिबास में थी। अभिजीत ने जैसे ही लिपिक को 70 हजार रुपए दिए निगरानी की टीम ने लिपिक को पकड़ लिया। जिसके बाद स्टेनो को भी गिरफ्तार किया गयासा.दे लिबास में होने के कारण पहले दोनों आरोपी कर्मी समझ नहीं पाए कि उनके साथ क्या हो रहा है, उन्हें किसने पकड़ा। निगरानी की टीम दोनों कर्मियों का हाथ पकड़कर ऑफिस के बाहर ले गई।

 

पटना से कार्रवाई के लिए पहुंची टीम

 

कार्रवाई के लिए पटना से डीएसपी विद्यांचल प्रसाद के नेतृत्व में 9 सदस्यीय विशेष टीम भागलपुर पहुंची। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम ने कागजी कार्रवाई पूरी कर मयंक कुमार और प्रेम कुमार को हिरासत में लेकर पटना चली गई। उन्हें पटना स्थित निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रुपए नहीं देने पर काम पेडिंग में डाल रखा था

 

डीएसपी विद्यांचल प्रसाद ने बताया कि अभिजीत कुमार से सेवा संपुष्टि (Service Confirmation) के नाम पर 70 हजार रुपए की मांग की गई थी। अभिजीत ने सेवा संपुष्टि के लिए आवेदन दिया था, लेकिन पैसे नहीं देने के कारण उनका कार्य लंबित रखा गया।जिसके बाद अभिजीत कुमार ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन में मामला सही पाया गया, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर टीम का गठन किया गया और छापेमारी कर दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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