वैशाली में युवती ने पोखर में कूदकर किया सुसाइड: प्रेमी पर बच्चे को बेचने का लगाया आरोप
वैशाली में एक युवती ने पोखर में कूदकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले उसने अपने प्रेमी और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की पहचान महुआ थाना क्षेत्र के सिंघाड़ा रामराय गांव निवासी विजय राय उर्फ विजय महतो की बेटी अंजलि कुमारी के रूप में हुई है।
आत्महत्या से पहले अंजलि कुमारी ने पत्रकार को दिए बयान में कहा, मेरे प्रेमी रंजीत पटेल ने मुझे शादी का झांसा देकर गर्भवती कर छोड़ दिया। अब वो मुझे अपने साथ रखने से इनकार कर रहा है। वीडियो में उसने यह भी आरोप लगाया कि वह लगातार पुलिस से मदद मांगती रही, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।वहीं, मृतका के परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर पुलिस कार्रवाई करती, तो आज अंजलि जिंदा होती।
घटना 28 मार्च की देर रात की है। अंजलि अपने दुधमुंहे बच्चे को घर पर छोड़कर निकली और घर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित सिंघाड़ा उतरी गांव के पोखर में कूद गई। 29 मार्च की सुबह करीब 8:30 बजे उसका शव पोखर में तैरता हुआ देखा गया।सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां अंजलि को मृत पाया गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
7 साल पहले हुई थी शादी, दो बच्चों की मां थी अंजलि
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंजलि की पहली शादी करीब 7 साल पहले बेलसर थाना क्षेत्र के बाबरखा गांव निवासी बिरजू सिंह से हुई थी। इस शादी से उसके दो बेटे थे। पारिवारिक जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन एक साल पहले उसकी जिंदगी में रंजीत पटेल की एंट्री हुई और यहीं से सबकुछ बदल गया।
प्रेमी के झांसे में छोड़ दिया पहला परिवार
बताया जाता है कि रंजीत पटेल, जो पेशे से टेंट संचालक है, उसने अंजलि को शादी और सुखी जीवन का सपना दिखाया। उसने अंजलि को अपने पति और बच्चों को छोड़ने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे अंजलि अपने पहले पति से दूर हो गई।अंजलि का बड़ा बेटा अपने पिता के पास रह गया, जबकि वह छोटे बेटे अभिराज को लेकर रंजीत के साथ चली गई।
बेटे को बेचने का आरोप, पैसों से की मौज-मस्ती
परिजनों ने रंजीत पटेल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अंजलि के भाई चंदन कुमार के अनुसार, रंजीत पटेल अंजलि और उसके बेटे को लेकर भाग गया और बाद में उसके बेटे को बेच दिया। आरोप है कि बच्चे को बेचकर मिले पैसों से रंजीत ने मौज-मस्ती की। जब पैसे खत्म हो गए और अंजलि गर्भवती हो गई, तब उसने उसे छोड़ दिया और मायके भेज दिया।इस संबंध से अंजलि का डेढ़ महीने का एक बच्चा भी है।बताया जाता है कि रंजीत का घर अंजलि के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद उसने उसे अपनाने से इनकार कर दिया।
पहले पति ने भी ठुकराया, पूरी तरह अकेली पड़ गई अंजलि
जब अंजलि और रंजीत के संबंध की जानकारी उसके पहले पति बिरजू सिंह को हुई, तो उसने भी अंजलि को अपने साथ रखने से मना कर दिया। इस तरह अंजलि पूरी तरह से अकेली पड़ गई थी।एक तरफ प्रेमी ने धोखा दिया, दूसरी तरफ पहला पति भी साथ छोड़ चुका था। परिवार के अंदर भी तनाव बढ़ गया था।
8 महीने तक थाने के चक्कर, फिर भी नहीं मिली मदद
अंजलि ने न्याय के लिए 8 महीने पहले बार महुआ थाना में शिकायत की थी, लेकिन वहां से उसे कोई ठोस मदद नहीं मिली। वो लगातार थाने पर जाती और अपने साथ हुए दर्द को बताती। इसके बाद उसने हाजीपुर महिला थाना में भी शिकायत की, लेकिन वहां भी उसे निराशा ही हाथ लगी।परिजनों का आरोप है कि अंजलि लगातार 8 महीनों तक न्याय के लिए दर-दर भटकती रही, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार वह पूरी तरह मानसिक रूप से टूट गई और उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस पैसे लेकर छोड़ देती है आरोपी
अंजलि के भाई चंदन कुमार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि महुआ थाना की पुलिस ने पैसे लेकर आरोपी रंजीत पटेल के चाचा को गिरफ्तार कर छोड़ दिया था।मृतका के भाई चंदन का कहना है कि अगर पुलिस समय पर सख्त कार्रवाई करती, तो उसकी बहन आज जिंदा होती।परिजनों का साफ कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही अंजलि को यह कदम उठाना पड़ा। उनका कहना है कि अगर समय पर न्याय मिलता, तो अंजलि आत्महत्या नहीं करती और आज उसका परिवार बिखरने से बच जाता।
पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, जांच जारी
इस मामले में वैशाली के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने बताया कि महिला का शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी पुलिस अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
