शोपीस बनी पाइपलाइन:LPG की किल्लत और PNG की कछुआ चाल से दलसिंहसराय के लोग परेशान
दलसिंहसराय। आधुनिकता के दौर में ‘स्वच्छ ईंधन-बेहतर जीवन’ का नारा बुलंद करने वाली पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) योजना दलसिंहसराय के दर्जनों मोहल्लों में दम तोड़ती नजर आ रही है। एक ओर जहां घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की भारी किल्लत ने आम आदमी की रसोई का बजट और सुकून बिगाड़ दिया है, वहीं पाइपलाइन बिछने के बावजूद महीनों से गैस आपूर्ति शुरू न होना विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
शहर के विभिन्न वार्डों में 100 से अधिक ऐसे परिवार हैं, जिनके घरों के बाहर मीटर तो टांग दिए गए हैं, लेकिन उनमें गैस की लहर अब तक नहीं पहुंची है। बीते कुछ हफ्तों से स्थानीय गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। बुकिंग कराने के 10 से 15 दिन बाद भी सिलेंडरों की होम डिलीवरी नहीं हो पा रही, क्योंकि सप्लाई चेन बाधित है।वितरकों का तर्क है कि बुकिंग के अनुसार उपभोक्ताओं को सिलेंडर की डिलीवरी दी जा रही है, लेकिन इसका सीधा असर आम आदमी की जेब और चूल्हे पर पड़ रहा है, जिससे कई उपभोक्ताओं को ऊंचे दामों पर सिलिंडर खरीदने या पारंपरिक ईंधनों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
पांच वर्ष बाद भी आपूर्ति नहीं होने से संकट
शहर में वर्ष 2021 में पीएनजी की पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू होने पर लोगों को सिलेंडर की बुकिंग के झंझट से मुक्ति की उम्मीद थी। विभाग ने सड़कों को खोदकर पाइपलाइन बिछाई और बहुत से घर के रसोई तक पाइप लाइन के साथ मीटर तक लगा दिया।
पाइप लाइन वाले परिवार से 600 रुपया तो मीटर लगाए गए परिवार से 3000 रुपया लिए गए थे। लेकिन 500 से ज्यादा परिवारों के लिए यह महज ‘शोपीस’ बनकर रह गई है। शहर के कुछ मोहल्ले भी आईपी कॉलोनी, केवटा आदि में पाइप लाइन से गैस के चूल्हे जल रहे हैं लेकिन 90 प्रतिशत परिवार आज पाइप लाइन से गैस की आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं।
2021 में कागजी प्रक्रिया पूरी लेकिन आज तक नहीं चालू हुआ गैस
शहर के मेन बाजार काली स्थान मोहल्ले की गृहिणी मुकेश गुप्ता की पत्नी बताती है कि गैस पाइप लाइन लग रहा था तो बहुत खुशी हुई थी। अब गैस को लेकर न तो बुकिंग की टेंशन होगी न ही वेंडर का इंतजार करना होगा।2021 में मैंने कागजी प्रक्रिया पूरी कर कनेक्शन भी लिया। गैस का मीटर भी लग गया लेकिन आज तक गैस चालू नहीं हुआ। यही हाल काली स्थान और मेन बाजार के अधिकांश गृहणी सुजाता साह, सुनैना वर्णवाल, सोनी साह, मोनिका वर्णवाल का है जिनके घर के रसोई तक पाइप तो बिछ गया है पर गैस की आपूर्ति पाइप लाइन से नहीं हो रही है।
ठेला और फुटपाथी दुकानदारों का हाल बुरा
शहर के विभिन्न चौक चौराहे पर ठेला फुटपाथी दर्जनों दुकान आज गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। व्यवसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद वह अपने परिवार के जीवन यापन को लेकर कोयला और लकड़ी जलाव का इस्तेमाल करना शुरू किया तो आसपास के दुकानदारों ने धुंआ के कारण इस पर रोक लगा दिया। इसके बाद सभी ब्लैक से घरेलू गैस खरीद कर किसी तरफ दुकानदारी कर रहे है।
लंगड़ा चौक स्थित चाय दुकानदार अजय पंडित ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण बिजली संचालित इंडेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। बिजली बिल का खर्च अधिक लग रहा है। पर जीवन जीने के लिए तो दुकानदारी करनी ही है। एक दुकानदार ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि घरेलू गैस सिलिंडर से व्यवसायिक गैस सिलिंडर में रिफिलिंग कर इस्तेमाल कर रहे है।शहरी क्षेत्र में पीएमजी की कुल 1400 कनेक्शन की जानकारी इंडियन आयल द्वारा दी गई है। जिसने 945 अभी एक्टिव हैं। शेष बकाया बिल का भुगतान लंबित होने के कारण डीएक्टिवेट है। वहीं अन्य कनेक्शन के बारे में जानकारी प्राप्त कर उसे भी चालू करा दी जाएगी।किशन कुमार, एसडीओ, दलसिंहसराय”
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
