Patna

एक अप्रैल से टीओडी फॉर्मूला लागू:शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

पटना.बिजली कंपनियां राज्य के उपभोक्ताओं को 1 अप्रैल से 125 यूनिट मुफ्त बिजली के साथ ही आयोग द्वारा तय टैरिफ पर अनुदान भी देंगी। इसके साथ ही टीओडी (Time of Day) फॉर्मूले पर बिजली बिल बनाया जाएगा। टीओडी टैरिफ से शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इसके तहत 10 घंटे तक सामान्य दर, 8 घंटे तक सामान्य से 20% कम दर और 6 घंटे सामान्य से 20% अधिक दर पर बिजली मिलती है।

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साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के जीएम (राजस्व) अरविंद कुमार ने कहा कि राज्य में 1.90 करोड़ घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें से 30% शहरी उपभोक्ताओं को बिल देना होता है। टीओडी टैरिफ लागू होने से उन्हें सामान्य दर के मुकाबले बचत होगी। उदाहरण के तौर पर, 525 यूनिट प्रति महीने की खपत पर 111 रुपये की बचत होगी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 23,165 करोड़ रुपये अनुदान (Subsidy) की अनुमति दी है, जो पिछले वर्ष 19,792 करोड़ रुपये था।

 

टीओडी (ToD) फॉर्मूला: किस समय कितनी दर होगी?

 

समय अवधि प्रति यूनिट दर

रात 11 से सुबह 9 बजे तक 10 घंटे 3.87 रुपये (सामान्य दर)

सुबह 9 से शाम 5 बजे तक 8 घंटे 2.39 रुपये (20% दर कम)

शाम 5 से रात 11 बजे तक 6 घंटे 4.61 रुपये (20% दर अधिक)

 

कैसे होगी बचत? इसे ऐसे समझें…

 

यदि एक शहरी उपभोक्ता एक महीने में औसतन 525 यूनिट बिजली खपत करता है, तो उसे 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी (शेष 400 यूनिट पर चार्ज लगेगा)।

 

रात (10 घंटे): यदि वह 175 यूनिट बिजली खर्च करता है, तो 677.25 रुपये का बिल आएगा।

 

दिन (8 घंटे): 125 यूनिट बिजली खपत पर 298.75 रुपये का बिल आएगा।

 

शाम (6 घंटे): 100 यूनिट खपत पर शुल्क 461 रुपये होगा।

 

कुल परिणाम:

 

इस तरह 400 यूनिट खपत पर कुल 1,437 रुपये का बिल आएगा। यदि सामान्य दर (3.87 रुपये) के हिसाब से गणना की जाए, तो 400 यूनिट का शुल्क 1,548 रुपये होता। इस प्रकार टीओडी फॉर्मूले से उपभोक्ता के 111 रुपये बचेंगे।

 

इसकी जरूरत क्यों?

 

बिजली खपत के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए टीओडी टैरिफ लागू किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि लोग शाम के समय (पीक ऑवर्स) बिजली की खपत कम करें, ताकि बिजली निर्बाध रूप से मिलती रहे। शाम को डिमांड अधिक होने पर बिजली संकट का सामना करना पड़ता है, जबकि दिन में मांग कम होने पर बिजली ‘सरेंडर’ करनी पड़ती है। इस व्यवस्था से एनर्जी शुल्क भी कम लगेगा और ग्रिड पर दबाव भी घटेगा।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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