14 साल के बेटे ने जवान को दी मुखाग्नि:पार्थिव शरीर से लिपटकर रोई पत्नी;छतों से फूल बरसे
पटना.नालंदा के आर्मी जवान सुमन कुमार सिंह उर्फ पंकज (45) की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया है। 14 साल के बेटे अंश ने पिता को मुखाग्नि दी।इससे पहले शुक्रवार रात जेसीओ सुमन कुमार सिंह की बॉडी उनके गांव मोकरमपुर मिर्चायगंज पहुंची। सुमन कुमार लद्दाख में पोस्टेड थे।
पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा ‘शहीद सुमन कुमार अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगे। पत्नी पार्थिव शरीर से लिपटकर रो पड़ी। बच्चे पिता की बॉडी को एकटक निहारते रहे।अंतिम संस्कार में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने जवान को श्रद्दांजलि दी।
करीब 1 महीने से लखनऊ के अस्पताल में सुमन कुमार का इलाज चल रहा था। वो ब्लड कैंसर और पीलिया से पीड़ित थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.परिवार ने बताया कि सुमन कुमार सिंह लद्दाख में ड्यूटी पर तैनात थे। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद सेना के बचाव दल ने उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद 27 मार्च को उन्होंने दम तोड़ दिया।
सेना से जुड़ा है परिवार
शहीद सुमन कुमार सिंह अपने परिवार के स्तंभ थे। दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई भी CISF में कार्यरत हैं। शहीद अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। उनकी बड़ी बेटी (17) इंटर और छोटी बेटी मैट्रिक (16) की स्टूडेंट है, 2 बेटे (13-14) भी हैं। पिता की शहादत की खबर सुनकर बच्चों का बुरा हाल है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
