दलसिंहसराय:भागवत कथा के श्रवण मात्र से पापों से मुक्ति मिल जाती है:श्रीधराचार्य
दलसिंहसराय.शहर के मेन बाजार स्थित अशर्फी भवन में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को अयोध्या धाम के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य ने व्यास पीठ से राजा परीक्षित के जीवन के प्रसंगों पर चर्चा करते हुये उन्हें मिले श्राप और उसके बाद जीवन का सार जानने के लिए सुखदेव जी को आमंत्रित करने की कथा सुनाई। इसके साथ ही कथावाचक ने भक्ति और ज्ञान की महिमा पर चर्चा करते हुये ध्रुव चरित्र एवं कलियुग के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को सात दिनों में मृत्यु का श्राप मिला था। मृत्यु का संदेश मिलने के बाद, राजा परीक्षित ने जीवन का सार जानने के लिए महर्षि व्यास के पुत्र सुखदेव जी को आमंत्रित किया। सुखदेव जी ने उन्हें भागवत कथा सुनाई। कथा के दौरान भक्ति और ज्ञान के माध्यम से जीवन के रहस्यों पर प्रकाश डाला।
यह भी बताया जाता है कि अच्छे कर्म करने से ही अच्छा फल मिलता है और बुरे कर्मों का बुरा फल भोगना पड़ता है। कथा का उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुये कहा कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से पापों से मुक्ति मिल जाती है। यह कथा श्रोताओं में ज्ञान और वैराग्य की भावना जगाती है।
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