हरितालिका तीज और मिथिलांचल का पर्व चौरचन कल मनाया जायेगा
दरभंगा इस वर्ष हरितालिका तीज और मिथिलांचल का प्रसिद्ध पर्व चौरचन भाद्र मास शुक्ल पक्ष सोमवार 14 सितंबर को एक ही दिन मनाया जाएगा। मां बगलामुखी पीठ परिषद के संस्थापक पंडित महेश मोहन झा ने बताया कि वर्ष 2026 में भाद्र मास शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि सुबह ही समाप्त होकर चतुर्थी तिथि शुरू हो रही है, इसलिए उदया तिथि के अनुसार हरितालिका तीज का पूजा और गणेश चतुर्थी व्रत 14 सितंबर को एक साथ ही पड़ रहे हैं। पं. महेश मोहन झा ने बताया कि चौरचन मिथिलांचल में संध्या के समय चन्द्र उदय पर मनाई जाती है।
14 सितंबर को संध्याकालीन चतुर्थी होने से चौरचन पर्व 14 सितंबर को ही मनाई जाएगी। चौरचन : 14 सितंबर संध्या 6 बजकर 7 मिनट से रात्रि 8.30 बजे तक। हरितालिका तीज : 14 सितंबर की सुबह 5.43 बजे से सुबह 7.28 बजे तक। गणेश चतुर्थी व्रत : 14 सितंबर गणेश पूजारंभ : 15 सितंबर कर्माधर्मा एकादशी : 22 सितंबर हरितालिका एवं गणेश चतुर्थी व्रत पूजा का मुहूर्त मिथिला पंचांग के अनुसार इस वर्ष भाद्र शुक्ल तृतीया 13 सितंबर की सुबह 07.24 मिनट से प्रारम्भ होकर समापन 14 सितंबर की सुबह 7.28 मिनट पर होगा। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारम्भ हो जाएगी।
भाद्र शुक्ल चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7.28 मिनट से लेकर 15 सितंबर को सुबह 8.4 मिनट तक रहने वाली है। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर हरितालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा। वहीं गणेश चतुर्थी व्रत उदया तिथि के साथ साथ मध्याह्न काल का भी विशेष महत्व बताया गया है, इसलिए गणेश चतुर्थी व्रत भी 14 सितंबर को ही मनाई जाएगी। किन्तु गणेश पूजा 15 सितंबर की सुबह में 8 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा और 25 सितंबर को समाप्त होगी। वहीं चतुर्दशी तिथि का उदय 25 सितंबर को होने से अनन्त चतुर्दशी पूजा इसी दिन मनाई जाएगी।
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