साइबर फ्रॉड में अवैध सिम बिक्री, एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर गिरफ्तार:CBI ने 10 ठिकानों पर की छापेमारी
हाजीपुर.केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो रहे अवैध सिम बॉक्स चलाने के मामले में कार्रवाई की है।CBI ने बिहार के वैशाली जिले, झारखंड के जामताड़ा और ओडिशा के एक जिले में कुल 10 जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
छापेमारी में मोबाइल फोन, लैपटॉप और बड़ी संख्या में सिम कार्ड जैसे कई डिजिटल उपकरण मिले हैं।CBI की जांच में पता चला कि महुआ इलाके का एक एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर बड़ी संख्या में सिम कार्ड गैरकानूनी तरीके से बेच रहा था।
1300 से ज्यादा सिम कार्ड घर से मिले
CBI ने बिहार के सुपौल जिले में सामने आए एक अवैध सिम बॉक्स चलाने के मामले की जांच शुरू की थी।बाद में बिहार सरकार के कहने पर यह मामला सीबीआई को दे दिया गया। जांच के दौरान उस घर से 1300 से ज्यादा सिम कार्ड मिले, जहां सिम बॉक्स चलाया जा रहा था।
सीबीआई ने इन सिम कार्ड से जुड़े डेटा की जांच की। इससे पता चला कि इस सिम बॉक्स का संबंध देशभर में साइबर अपराध के 73 मामलों से था। इनमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामले भी शामिल हैं।1300 से ज्यादा सिम कार्ड के डेटा की गहराई से जांच करने पर कुछ संदिग्ध बिक्री केंद्र पहचाने गए। जांच में यह भी पता चला कि बड़ी संख्या में सिम कार्ड बिहार और ओडिशा से जारी हुए थे।
अन्य अपराधों की भी जांच जारी
वैशाली जिले के एक एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर ने 700 से ज्यादा सिम कार्ड जारी किए थे। इस डिस्ट्रीब्यूटर ने वैशाली जिले में सिम कार्ड बेचने के लिए एक दर्जन से ज्यादा पॉइंट ऑफ सेल (POS) बनाए थे।कई ग्राहकों ने बताया कि उन्होंने अपने नाम से सिम कार्ड जारी कराने की कोई जानकारी नहीं दी थी।
कुछ मामलों में ग्राहकों ने यह भी बताया कि उन्होंने केवाईसी के लिए आधार बायोमेट्रिक देते समय एक से ज्यादा बार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की अनुमति दी थी।सीबीआई ने बताया कि यह मामला बिहार सरकार द्वारा जांच के लिए सौंपे जाने के बाद दर्ज किया गया है।
लोगों से सावधान रहने की अपील
इसमें BNS के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, जबरन वसूली, पहचान की चोरी, कंप्यूटर संबंधी अपराध तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2022 के तहत अन्य अपराधों की जांच की जा रही है।
सीबीआई ने कहा है कि साइबर अपराध को बढ़ावा देने के लिए दूरसंचार ढांचे के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। एजेंसी ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी अवधारणा नहीं है।आम लोगों को कानून का नाम लेकर पैसे मांगने या फर्जी निवेश योजनाओं में रकम लगाने के लिए कहने वाले ठगों से सावधान रहना चाहिए।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
