BPSC शिक्षिका ने फुफेरी बहन से की शादी, ग्रामीण बोले-समाज में गया अलग मैसेज
जमुई.हमलोग तो बाहर सुनते थे कि लड़की-लड़की शादी कर ली, लेकिन अब हमारे ही गांव में ऐसा हो गया। नयनश्री बहुत ही सिंपल लड़की थी। न किसी से ज्यादा बातचीत, न फैशन और न ही दिखावा। इसलिए जब उसकी शादी की खबर सामने आई तो पूरे गांव को झटका लग गया।”
यह कहना है जमुई के लक्ष्मीपुर प्रखंड के हरला गांव के रहने वाले सुजीत (बदला हुआ नाम) का…BPSC शिक्षिका नयनश्री कुमारी का अपनी ही फुफेरी बहन राखी कुमारी (अब राहुल) से शादी करने के बाद पूरे गांव में इसी बात की चर्चा है।
ग्रामीण का दावा है कि दोनों के रिश्ते को लेकर पिछले छह महीने से गांव में चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन परिवार के लोग इसे अफवाह बताते रहे। उनका कहना था, ‘दोनों बहनें हैं। लड़की-लड़की में कभी कुछ नहीं हो सकता है…’फिलहाल, नयनश्री और राखी उर्फ राहुल दोनों ही अपने घर से फरार हैं। राहुल के घरवालों ने तो इस शादी को स्वीकार कर लिया है, लेकिन नयनश्री के परिवार वाले इससे बेहद नाराज हैं। इसी वजह से दोनों फरार बताए जा रहे हैं।
बहुत सिंपल लड़की थी नयनश्री
इस मामले को लेकर दैनिक भास्कर की टीम ने नयनश्री के एक पड़ोसी से बात की। जिसने अपना नाम न छापने की शर्त पर कई सारी सच्चाई बताई है।पड़ोसी सुजीत ने बताया, “नयनश्री बचपन से ही बहुत सिंपल स्वभाव की लड़की थी। हमलोग एक ही गांव के हैं। घर भी आसपास ही है। बचपन से उसे आते-जाते देखते रहे हैं। वह उन लड़कियों में नहीं थी जो ज्यादा दिखावा करती हैं या हर समय लोगों के बीच बनी रहती हैं। वह अपने काम से काम रखने वाली लड़की थी।
न ही उसे सजने-संवरने का शौक था, न ही ज्यादा स्टाइलिश कपड़े पहनती थी। नयनश्री जब भी बाजार आती-जाती थी तो सामान्य तरीके से ही रहती थी। आजकल गांव की लड़कियां भी फैशन और सोशल मीडिया में काफी एक्टिव रहती हैं, लेकिन नयनश्री ऐसी नहीं थी। वो लड़कों से बिल्कुल दूर रहती थी। हमेशा राखी के साथ ही घूमते हुए दिखती थी।”
पिता भी हैं बेहद साधारण व्यक्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार, नयनश्री का परिवार भी सामान्य और शांत स्वभाव का है। उसके पिता सचिवालय में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी हैं। हमलोग उन्हें भी सालों से जानते हैं। बहुत सीधे-सादे और मिलनसार इंसान हैं। गांव में किसी से उनका विवाद नहीं रहा है।सुजीत का कहना है कि परिवार की छवि हमेशा एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार की रही है। यही वजह है कि जब शादी की खबर सामने आई तो सबसे ज्यादा हैरानी गांव के लोगों को हुई।
सुजीत के अनुसार नयनश्री और राखी के रिश्ते को लेकर गांव में चर्चाएं अचानक नहीं शुरू हुई थीं। करीब छह महीने पहले गांव में चर्चा होने लगी थी कि दोनों एक-दूसरे के काफी करीब हैं।कई लोग यह भी कहने लगे थे कि दोनों शादी कर सकते हैं। जब गांव में यह चर्चा बढ़ी तो हमने खुद नयनश्री के पिता से इस बारे में बात की थी। हमने फोन कर पूछा था कि गांव में इस तरह की बातें हो रही हैं।
लोग कह रहे हैं कि दोनों बहुत करीब हैं और शादी भी कर सकते हैं। तब परिवार की ओर से कहा गया था कि ऐसी कोई बात नहीं है। दोनों सिर्फ दोस्त हैं। बहनें हैं तो साथ रहतीं हैं। इसके बाद भी गांव में चर्चाएं बंद नहीं हुईं।
परिवार ने कहा था- यह सिर्फ अफवाह है
सुजीत का कहना है कि बाद में इस टॉपिक पर नयनश्री के चाचा से भी बातचीत हुई थी। चाचा ने कहा था कि लोग बेवजह अफवाह फैला रहे हैं। दोनों साथ पढ़ती हैं, इसलिए लोग तरह-तरह की बातें बना रहे हैं।उस समय परिवार ने किसी भी तरह के प्रेम संबंध या शादी की संभावना से इनकार किया था, लेकिन 6 महीन बाद ही वही चर्चा हकीकत में बदल गई।
राहुल (पूर्व में राखी कुमारी) और नयनश्री कुमारी बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। नयनश्री की चाची और राहुल के पिता भाई बहन हैं। दोनों लड़कियों का एक-दूसरे के घर आना जाना होता था।बचपन से साथ खेलने से लेकर पढ़ने के दौरान दोनों को एक-दूसरे की आदत हो गई थी। साल 2019 में नयनश्री और राहुल ने एक साथ मैट्रिक पास किया। इसके बाद 11वीं-12वीं में साथ कोचिंग ली। यहीं से दोनों के बीच प्यार शुरू हो गया।
दोनों ने जिद्द कर के एक ही जगह से ग्रेजुएशन किया। जहां हॉस्टल के एक ही कमरे में साथ रहे। दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था। पढ़ाई, कोचिंग, बाजार या किसी दूसरे काम से जाना हो, दोनों साथ रहती थीं।हमलोग इसे अच्छी दोस्ती मानते थे। दोनों बहनें थीं इसलिए किसी को कभी कोई शक नहीं हुआ।
पटना में रहकर बढ़ी नजदीकियां
2023 में नयनश्री और राखी (अब राहुल) ने BPSC की तैयारी करने का फैसला किया। इसके लिए दोनों पटना जाकर पढ़ाई करना चाहते थे। दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध थे, इसलिए परिजनों ने दोनों बहनों को साथ में पढ़ाई के लिए पटना भेज दिया।2025 में नयनश्री ने BPSC परीक्षा पास की। इसके बाद उनका चयन TRE-3 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत हुआ। चयन के बाद उन्होंने नौकरी जॉइन कर ली। वर्तमान में वह लक्ष्मीपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मेदनीपुर में कार्यरत हैं। दोनों को हॉस्टल में साथ रहते-रहते बेइंतहा प्यार हो गया।
गांव में कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि नयनश्री का झुकाव लड़कों की ओर नहीं था। वो अक्सर लड़कियों के साथ ही घूमते मिलती थी। ज्यादातर वो राखी के साथ ही दिखती थी।सुजीत ने बताया, अब शादी के बाद लोग पुरानी बातें जोड़कर देख रहे हैं। कुछ लोग कहते हैं कि उसे लड़कों में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी, इसी वजह से वो किसी लड़के से कभी बात नहीं करती थी।
8 लाख रुपए लोन लेकर राखी का जेंडर चेंज कराया
वार्ड सदस्य राजेश ने बताया, राखी कुमारी ने करीब छह महीने पहले जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके लिए नयनश्री ने अपने नाम पर बैंक से लगभग 8 लाख रुपए का लोन लिया था।नयनश्री का मानना था कि वह सरकारी शिक्षिका हैं, इसलिए अगर वो खुद जेंडर ट्रांजिशन करातीं, तो नौकरी में कुछ दिक्कतें आ सकती थीं।”
उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से नयनश्री ने राखी को जेंडर ट्रांजिशन कराने के लिए कहा। राखी ने अपने परिवार को बिना बताए दिल्ली के AIIMS में ऑपरेशन कराया।करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वह घर लौटी। तब जाकर राखी के परिवार वालों को पता चला कि वो लड़का है।
पटेश्वर नाथ मंदिर में हुई शादी
दोनों ने लक्ष्मीपुर स्थित पटेश्वर नाथ मंदिर में 31 मई 2026 को शादी की। शादी के दौरान सीमित संख्या में लोग मौजूद थे। मंदिर में वरमाला और अन्य धार्मिक रस्मों के बाद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया।शादी के बाद दोनों राहुल के गांव पहुंचे, जहां हिंदू परंपरा के अनुसार कई रस्में भी निभाई गईं। इन रस्मों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।
बहन बोली- मोबाइल खरीदने की बात कहकर निकली थी
राहुल (पूर्व में राखी) की बड़ी बहन रेणु कुमारी ने बताया कि परिवार को पहले से इस शादी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 31 मई की सुबह राखी घर से यह कहकर निकली थी कि वह मोबाइल खरीदने जा रही है।बाद में परिवार को जानकारी मिली कि उसने नयनश्री से मंदिर में शादी कर ली है। रेणु कुमारी के अनुसार, हमें शादी के बारे में पहले कुछ नहीं बताया गया था। जब दोनों शादी के बाद घर पहुंचे तब हमें पूरी बात पता चली।परिवार को न तो शादी की तारीख पता थी और न ही विवाह की तैयारी की कोई जानकारी थी।
मां बोली- फोन पर मिली शादी की जानकारी
परिजन सुशीला देवी ने बताया कि उन्हें भी शादी की जानकारी बाद में फोन से दी गई। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे, लेकिन परिवार को उनके प्रेम संबंध की भनक नहीं लगी। लड़का-लड़की होते तो परिवार वाले ध्यान देते।सुशीला देवी के अनुसार दोनों पिछले 5 साल से पढ़ाई के सिलसिले में लगातार संपर्क में थे। दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से विवाह किया है। परिवार की ओर से किसी प्रकार की जबरदस्ती की बात सामने नहीं आई है।
रेणु देवी ने बताया, रविवार की रात नयनश्री के माता-पिता हमारे घर पहुंचे। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। उनलोग इस शादी को नहीं मान रहे थे। इसी वजह से हंगामा करते हुए हमारे घर का गेट तोड़ने लगे।जैसे-तैसे हमने राखी और नयनश्री को पीछे के दरवाजे से भगा दिया। फिलहाल, दोनों कहां हैं, हमें इसके बारे में कुछ पता नहीं है। दोनों का फोन भी ऑफ आ रहा है.राजेश कुमार के अनुसार मामले की सूचना डायल-112 पुलिस को भी दी गई थी। उनका कहना है कि पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से विवाह करने के लिए स्वतंत्र हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
