6 लोगों की हजारीबाग में मौत:गयाजी लौट रहे थे सभी, कार अनबैलेंस होकर खाई में गिरी
गयाजी के 6 लोगों की मौत हजारीबाग में शनिवार शाम हो गई थी। सभी एक ही परिवार के हैं। इनकी कार 30 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे का पता तब चला, जब एक राहगीर की नजर नीचे गाड़ी पर पड़ी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। तब तक कार सवारों ने दम तोड़ दिया था।शादी समारोह में रिश्तेदार के घर जाना था, लेकिन इससे पहले ही कार अनियंत्रित हो गई और हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र दनुआ जंगल-घाटी के पास खाई में गिर गई।
मरने वालों में ये हैं शामिल
मृतकों में शिव कुमार मांझी (43), उनकी पत्नी रूबी देवी (38), बेटियां सोनी कुमारी (13) और सोहानी कुमारी (12), ससुर कृत मांझी (60) और कृत मांझी का पोता प्रेम कुमार (10) शामिल हैं। ये लोग गयाजी के आमस थाना क्षेत्र के तेतरिया और मसूरी गांव के रहने वाले हैं।
पैक्स अध्यक्ष उदय यादव के अनुसार, शिव कुमार झरिया की कोलियरी में काम करते थे। बीएसएनएल में उन्हें अनुकंपा पर नौकरी मिली थी। वे धनबाद से अपने बीमार ससुर कृत मांझी को आमस छोड़ने आ रहे थे। ससुर पिछले 2 महीने से इलाज के लिए उनके पास रह रहे थे। ठीक होने के बाद उन्हें गांव को लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हादसा हो गया।शिव कुमार को ससुर को छोड़ने के बाद गुरुआ के बरवाडीह गांव में अपनी फुआ के घर शादी समारोह में भी शामिल भी होना था।
एक बेटे को पता नहीं कि उसका परिवार नहीं रहा
घर में अब सिर्फ 14 साल का बेटा रंजीत कुमार बचा है। हाल ही में उसने मैट्रिक पास किया है। वो फिलहाल धनबाद में ही है। परिजन ने अभी तक उसे हादसे की जानकारी नहीं दी है। गांव में हर कोई यही सोच रहा है कि उसे पता चलेगा तो वो क्या करेगा।
पूर्व मंत्री ने कहा, हम पार्टी हर संभव मदद करेगी
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री संतोष सुमन ने इस घटना पर दुख जताया है। कहा कि यह ह्रदय विदारक घटना है। पीड़ित परिवार के साथ हम पार्टी का हर एक सदस्य हर संभव मदद के लिए खड़ा रहेगा।झारखंड का दनुआ घाटी में पहले भी कई हादसे होते रहे हैं। हर बार सवाल उठते हैं कि सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं। रेलिंग क्यों नहीं। चेतावनी क्यों नहीं, लेकिन जवाब आज तक नहीं मिला। इस बार फिर 6 जिंदगियां चली गईं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
