Samastipur

नियोजित शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़ा की जांच तेज:फर्जी डिग्री से बने 2953 शिक्षक

पटना.नियोजित शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़ा अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। 2006 से 2015 के बीच हुई बहाली की निगरानी जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। फर्जी डिग्री और अंकपत्र के आधार पर सबसे ज्यादा बहाली नालंदा जिले में हुई। यहां 165 एफआईआर दर्ज की गई है। दूसरे स्थान पर मधुबनी है, जहां 145 केस दर्ज हुए।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

 

सबसे कम अररिया में केवल 4 एफआईआर दर्ज हुई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में साफ हुआ है कि बिहार का कोई भी जिला इससे अछूता नहीं रहा। अब तक कुल 1748 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इन मामलों में 2953 शिक्षकों को आरोपी बनाया गया है। सभी की सूची शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। फर्जी तरीके से बहाल इन शिक्षकों ने करीब 1400 करोड़ रुपए वेतन और मानदेय के रूप में लिए। अब विभाग इनसे वसूली की तैयारी में है। नौकरी खत्म होगी और जेल की कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।

कैसे खुला फर्जीवाड़ा

2006 से 2015 के बीच बिहार में करीब 3.5 लाख नियोजित शिक्षक बहाल हुए। फर्जीवाड़े की आशंका पर रंजीत पंडित ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को जांच सौंपी गई।2015 से फरवरी 2026 तक चली जांच में करीब 8 लाख प्रमाणपत्रों की जांच हुई। 11 साल बाद भी जांच जारी है। बिहार के 42 और बाहर के 14 विश्वविद्यालयों से डिग्रियों का सत्यापन कराया गया।

 

फर्जीवाड़े के तरीके

गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों की डिग्री।

यूजीसी से मान्यता नहीं रखने वाले निजी विवि की डिग्री

डुप्लीकेट अंकपत्र और प्रमाणपत्र जमा किया।

दूसरे के नाम-रोल नंबर पर अपनी फोटो चिपकाई।

एक ही डिग्री से कई जिलों में नौकरी।

 

सर्वाधिक केस वाले टॉप 6 जिले

 

जिला केस की संख्या

नालंदा 165

मधुबनी 145

पूर्णिया 95

गया 71

सीतामढ़ी 71

जमुई 67

न्यूनतम केस वाले टॉप 6 जिले

 

जिला केस की संख्या

अररिया 04

सीवान 06

मधेपुरा 10

सुपौल 12

शिवहर 12

शेखपुरा 16

जांच का ट्रेंड भी चौंकाने वाला

सबसे ज्यादा 445 केस 2022 में दर्ज हुए। इसके बाद भी कार्रवाई जारी रही। हर साल नए मामले सामने आते रहे। जांच के लिए एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी टीम भी जोड़ी गई। निगरानी के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

 

आगे क्या होगा : डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार के अनुसार जांच अभी जारी है। जिन संस्थानों ने जानकारी नहीं दी, वहां टीम भेजी गई है। हाईकोर्ट के आदेश के तहत पूरी जांच अनिवार्य है। अब यह सिर्फ फर्जी बहाली का मामला नहीं रहा।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

error: Content is protected !!