बेटे के जन्मदिन से पहले हादसे में एसआई की मौत ने छीनी खुशियां
पटना.बांका.बांका टाउन थाना में पदस्थापित एसआई सूरज भूषण सिंह (35) की बुधवार की मध्य रात्रि 1:30 बजे सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा टाउन थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस के समीप हुआ। सूरज भूषण सिंह अपने साथी 19 वर्षीय सागर कुमार के साथ बाइक से आवास की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे नो-पार्किंग जोन में खड़े एक ट्रक की चपेट में बाइक आ गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मौत के कारण जिस घर में 17 सितंबर को खुशियां मनाई जानी थी, वहां अब मातम पसर गया है।
एसआई के बेटे का 17 सितंबर को पहला जन्मदिन था, वह इसकी तैयारी में जुटे थे, लेकिन हादसे ने सारी खुशियां झटके में छीन ली। बेलुटीकर निवासी सागर कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद भागलपुर रेफर कर दिया गया। यातायात डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि पोस्ट ऑफिस के समीप एक ट्रक नो-पार्किंग जोन में खड़ा था। उसी समय दूसरी ट्रक भी वहां पहुंची और इसी दौरान बाइक से दारोगा सूरज भूषण सिंह वहां पहुंचे। खड़े ट्रक की चपेट में आने से हादसा हुआ। पुलिस ने सड़क किनारे खड़े ट्रक को जब्त कर लिया है। मामले में चालक और मालिक के विरुद्ध यातायात थाना में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ अमर विश्वास और टाउन थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू की। खबर मिलते ही उनके परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। शव देखकर पत्नी शारदा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था। मृत दारोगा बिहारशरीफ के सोहसराय निवासी और सेवानिवृत्त प्राध्यापक वृजनंदन सिंह के पुत्र थे। उनकी पत्नी शारदा कुमारी झारखंड के गोड्डा जिले में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत हैं। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को बांका पुलिस लाइन लाया गया। यहां एसपी अमितेश कुमार, डीएसपी अमर विश्वास, यातायात डीएसपी नीरज कुमार, टाउन थानाध्यक्ष सुधीर कुमार समेत पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। 17 सितंबर को बेटे का पहला जन्मदिन, अधूरी रह गईं तैयारियां सूरज भूषण सिंह के पुत्र का 17 सितंबर को पहला जन्मदिन मनाया जाना था। बच्चे के एक साल पूरे होने पर परिवार ने समारोह की तैयारी शुरू कर दी थी। रिश्तेदारों और परिचितों के आने की उम्मीद थी। परिवार को क्या पता था कि जन्मदिन की तैयारियों के बीच अचानक ऐसा हादसा हो जाएगा और खुशियां मातम में बदल जाएंगी? जिस घर में कुछ दिनों बाद बच्चे की पहली वर्षगांठ पर जश्न होना था, वहां अब पिता को खोने का गम है।