सदर अस्पताल:जिस जगह इलाज संभव, वहीं किया जाए : बेवजह रेफर पर रोक
बेगूसराय.अब मरीजों को बिना जरूरत बड़े अस्पतालों में रेफर करने पर रोक लगाने की तैयारी है। सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को इतनी मजबूती दी जायगी कि मरीजों को किसी मेडिकल कॉलेज भेजने की जरुरत नहीं पड़े। साथ ही अनुमंडल तथा पीएचसी के रेफरल सिस्टम को मजबूत करने की पहल शुरू की है।
विभाग की रणनीति है कि जिस स्तर के स्वास्थ्य संस्थान में मरीज का इलाज संभव है, उसे वहीं उपचार मिले। केवल विशेषज्ञ चिकित्सा, अत्याधुनिक जांच या ऐसी सुविधा की जरूरत होने पर ही मरीज को सदर अस्पताल भेजा जाय। इसको लेकर सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक के चिकित्सकों और स्वास्थ्य पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने निर्देश दिया कि पीएचसी में उपलब्ध उपचार की सुविधा का लाभ मरीज को वहीं दिया जाए। अनुमंडलीय अस्पताल में उपलब्ध उपचार वाले मरीजों का इलाज वहीं और सदर अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा एवं सर्जिकल सेवाओं का लाभ सदर अस्पताल में ही दिया जाए।
50 से अधिक एंबुलेंस रेफरल सिस्टम का हिस्सा जिले में सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और सभी पीएचसी को मिलाकर 50 से अधिक एंबुलेंस संचालित हैं। जरूरत पड़ने पर इनके माध्यम से मरीजों को एक स्वास्थ्य संस्थान से दूसरे संस्थान तक सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने की व्यवस्था है। विभाग का कहना है कि एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल जरूरत के आधार पर रेफरल के बाद मरीज को उपयुक्त उच्चतर संस्थान तक पहुंचाने में किया जाएगा। सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल में वर्तमान में 70 प्रकार की सर्जरी की जा रही है। स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं की हर सप्ताह समीक्षा भी की जा रही है। इसमें सर्जरी, प्रसव, सी-सेक्शन, जांच, दवा, मानव संसाधन समेत जरूरी सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की जाती है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
