Muzaffarpur

मुजफ्फरपुर- ट्रेन की चपेट में आए रिटायर्ड कैप्टन की मौत:जंक्शन से सटे मस्जिद में नमाज पढ़ने गए

मुजफ्फरपुर.लखनऊ से अपने पैतृक गांव दरभंगा के सिमरी जाने के लिए बेटे के साथ मुजफ्फरपुर पहुंचे रिटायर्ड आर्मी कैप्टन मोहम्मद अख्तर हुसैन की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। उनके बेटे सईद अतर हुसैन ने बताया कि वे दोनों लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस से मुजफ्फरपुर पहुंचे थे और ट्रेन से उतरने के बाद यह हादसा हुआ।

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सईद अतर हुसैन ने बताया कि उनका लखनऊ से मुजफ्फरपुर आने के लिए लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस में 3एसी का रिजर्वेशन था। उनके और पिता के सीट नंबर 25 और 28 थे। ट्रेन निर्धारित समय पर मुजफ्फरपुर पहुंची। दोनों ट्रेन से उतरने के बाद अपना सामान लेकर स्टेशन से बाहर आए।बेटे के अनुसार, उन्होंने पिता को स्टेशन के मुख्य गेट के पास बैठा दिया और खुद सामान देखने लगे। इसी दौरान पिता ने कहा कि अजान हो रही है, इसलिए वे नमाज पढ़ने जा रहे हैं।

 

सईद ने बताया कि पिता के नमाज पढ़ने जाने पर उन्होंने भी उन्हें जाने दिया। उनके पास गांव जाने के लिए पर्याप्त समय था। कुछ देर बाद उन्हें पुलिस के माध्यम से जानकारी मिली कि उनके पिता ट्रेन की चपेट में आ गए हैं।परिवार के अनुसार, ट्रेन की चपेट में आने के बाद मोहम्मद अख्तर हुसैन गिर गए और उनकी मौत हो गई। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी पूरी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

गांव जाने के लिए निकले थे पिता-पुत्र

 

सईद अतर हुसैन ने बताया कि वे दोनों लखनऊ से अपने पैतृक गांव मनिहास-सिमरी बस्तवारा, दरभंगा जाने के लिए निकले थे। मुजफ्फरपुर से उन्हें बस से गांव जाना था, लेकिन गांव पहुंचने से पहले ही स्टेशन पर यह हादसा हो गया।उन्होंने बताया कि उनके पिता सेना में रहे थे और रिटायरमेंट के बाद परिवार लखनऊ में बस गया। पैतृक गांव से परिवार का जुड़ाव अब भी बना हुआ है।

 

परिवार में हैं तीन बेटियां और दो बेटे

 

सईद के अनुसार, मोहम्मद अख्तर हुसैन के परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे हैं। एक बेटा सेना में है और फिलहाल कोलकाता में उसकी पोस्टिंग है। परिवार के अन्य सदस्य लखनऊ और मुंबई में रहते हैं। पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों में शोक की लहर है।

 

बेटे ने बताया- गांव जाने की थी तैयारी

 

सईद अतर हुसैन ने बताया कि वे पिता के साथ गांव जाने के लिए लखनऊ से निकले थे। ट्रेन से उतरने के बाद सामान लेकर दोनों स्टेशन से बाहर आए थे। उन्हें नहीं पता था कि कुछ ही देर में परिवार पर ऐसा दुख टूट पड़ेगा। पुलिस से पिता के हादसे की जानकारी मिलने के बाद उन्हें घटना का पता चला।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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