समस्तीपुर:पीएम किसान सम्मान निधि किसानों के खाते में ट्रांसफर
समस्तीपुर में पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त रिलीज किए जाने के मौके पर डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्व विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नित्यांनद राय के अलावा गिरीराज सिंह शामिल हुए।मौके पर दोनों केंद्रीय मंत्री ने डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मौके पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मंत्रियों को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि आज प्रधानमंत्री की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की जा रही है। देश भर के किसानों के खाते में 18 हजार 880 करोंड रुपए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपए दिए जाते हैं।कुछ लोग किसानों की ऋण माफी की बात कर रहे हैं। लेकिन लोन कौन लेते हैं बड़े-बड़ लोग, कंपनिया जिससे आम किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। यह बात समझने की जरूत है। अब किसानों के खाते सीधी राशि जा रही है। कोई बिचौलिया नहीं है।
किसान अपने लिए प्राकृतिक खेती करें- गिरीराज सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की चाहते हैं कि हर किसान कम से कम अपने लिए प्राकृतिक तरीके से खेती करें। उन्होंने कहा कि हर वर्ष किसानों को दो लाख करोड़ रुपए के खाद की सब्सिडी दी जाती है।ज्यादा खाद डालने से बचने की सलाह देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक शोध में यह बात सामने आयी है कि खाद युक्त भोजन के सेवन से मां के दूध में यूरिया की मात्रा पायी गई है। प्रधानमंत्री ने इससे बचने के लिए किसानों से एक चौथाई प्राकृतिक खेती करने का आह्वान किया है। सभी किसान इस पर अमल करते हुए प्राकृतिक खेती पर जो दें। यह सभी के हित में है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रत्नेश कुमार झा ने पीएम किसान योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना है। उन्होंने बताया कि बिहार के 75 लाख से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं ।अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने किसानों को कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से विकसित नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को भी अपनाना होगा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
