वेतन भुगतान सहित 15 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन,वभुगतान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
मधुबनी: बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संजीव कुमार कामत के नेतृत्व में मंगलवार को जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन एवं धरना दिया. जिले के विभिन्न प्रखंडों से भारी संख्या में जुटे शिक्षकों का जत्था टाउन क्लब मैदान से प्रदर्शन करते हुए थाना चौक होते हुए शिक्षा भवन पहुंचा. सभी शिक्षक सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे. बाद में धरना-प्रदर्शन सभा में परिवर्तित हो गया. सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष संजीव कुमार कामत ने कहा कि जिले के नियोजित शिक्षकों को विगत चार महीनों से वेतन भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण शिक्षक गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. उनके समक्ष दैनिक जीवन-यापन, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक खर्चों के निर्वहन में भारी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं. उन्होंने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 25 जून तक सभी प्रकार के लंबित वेतन एवं बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो शिक्षक अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल प्रारंभ करने को बाध्य होंगे.
प्रधान सचिव अवधेश कुमार झा ने कहा कि लंबे समय से वेतन भुगतान नहीं होने के कारण जिले के हजारों नियोजित शिक्षकों के बीच गहरी निराशा एवं आक्रोश व्याप्त है. यह स्थिति न केवल शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित कर रही है, बल्कि विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है. उन्होंने विभाग एवं प्रशासन से अविलंब संज्ञान लेते हुए सभी लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की.
प्रवक्ता राकेश कुमार चौधरी ने कहा कि नियोजन नियमावली में वैधानिक प्रावधान होने के बावजूद 12 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को कालबद्ध प्रोन्नति, बेसिक ग्रेड शिक्षकों को 8 वर्ष की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति तथा स्नातक ग्रेड शिक्षकों को 5 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर मध्य विद्यालय प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति नहीं दी जा रही है. उन्होंने अविलंब प्रोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की.
उपाध्यक्ष मो नूर आलम ने कहा कि विगत डेढ़ वर्षों से नियोजित शिक्षकों को महंगाई भत्ता के अंतर वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. सैकड़ों विशिष्ट शिक्षकों का एरियर लंबित है. विद्यालय अध्यापक एवं विशिष्ट शिक्षक से प्रधान शिक्षक पद पर नियुक्त शिक्षकों के पूर्ववर्ती सेवा काल के एरियर का भुगतान भी डेढ़ वर्षों से लंबित है. इसके अतिरिक्त एनआईओएस से प्रशिक्षित शिक्षकों के एरियर का भुगतान सात वर्षों से नहीं किया गया है. उन्होंने सभी कोटि के शिक्षकों के बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग की. सचिव ललित नारायण ललन, खालिद अंजुम एवं प्रभाष चौधरी ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के ईपीएफ खाते में कटौती की गई राशि का अद्यतन हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए. साथ ही डीएलएड प्रशिक्षण से प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण पूर्णता की तिथि से वित्तीय लाभ प्रदान करते हुए अंतर वेतन का भुगतान किया जाए.
सभा को संबोधित करते हुए संघ के कार्यालय सचिव मनीष कुमार कर्ण ने कहा कि विभागीय आदेश के बावजूद विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक को वेतन संरक्षण के साथ संशोधित वेतन का लाभ नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने संबंधित विभागीय आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की.
प्रखंड सुनील कुमार पासवान एवं दिलीप कुमार अमर ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अप्रशिक्षित शिक्षकों के मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश का हवाला देते हुए सेवा से मुक्त किए गए अप्रशिक्षित शिक्षकों को पुनः योगदान कराने एवं उनके वेतन भुगतान की व्यवस्था करने की भी मांग की. सभा को अमरेश यादव, मो रियाजउद्दीन, शंभू शरण गोईत, चन्द्र शेखर, प्रताप नारायण मिश्र, कमलेश कुमार, विश्वनाथ प्रसाद, नागेश्वर कुंवर, दुर्गेश झा, महेश पासवान, परमेश्वर यादव, रामनाथ मंडल, रविन्द्र झा, पन्ना लाल पटेल, मो नफीस, सुशील कुमार सुमन, पवित्री देवी ने भी संबोधित किया.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
