सड़क किनारे 30 बोरा सरकारी दवा फेका मिला,स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
पटना।सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड अंतर्गत पथपाकर- रामनगर पथ पर मंगलवार को सड़क किनारे करीब 30 बोरा सरकारी दवा मिलने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया. सुबह राहगीरों ने झाड़ियों के पास पड़े बोरों में दवाइयां देखीं, जिसके बाद इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दी गयी.
— राहगीरों की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोरे कटे-फटे थे और उनमें से दवा की पत्तियां, शीशियां तथा अन्य दवायें बाहर दिखायघ दे रही थीं. अधिकांश पैकेटों पर ‘गवर्मेंट आफ बिहार, नाट फोर सेल’अंकित था.
सूचना मिलते ही स्थानीय सीएचसी प्रभारी डॉ महिमा मोहन, हेल्थ मैनेजर निरंजन कुमार एवं प्रधान लिपिक दीपक कुमार मौके पर पहुंचे. पुलिस ने भी स्थल का निरीक्षण किया.
— सीएचसी प्रभारी ने जतायी बाहरी स्रोत से फेंके जाने की आशंका
सीएचसी प्रभारी डॉ महिमा मोहन ने बताया कि बरामद दवाओं में पैरासिटामोल, ओआरएस, आयरन टैबलेट, एंटीबायोटिक व अन्य आवश्यक दवाइयां शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में प्रतीत होता है कि दवाइयां किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बाहर से लाकर यहां फेंकी गयी हैं. धूप और नमी के कारण अधिकांश दवायें उपयोग योग्य नहीं रह गयी हैं.
— बैच नंबर से होगी जांच, दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी
मामले की जानकारी सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार, जिला ड्रग इंस्पेक्टर तथा बथनाहा बीडीओ को दे दी गयी है. ड्रग इंस्पेक्टर की टीम दवाओं के बैच नंबर की जांच कर यह पता लगायेगी कि दवायें किस स्टॉक से संबंधित हैं और यहां तक कैसे पहुंचीं. बीडीओ के निर्देश पर दवाओं की वीडियोग्राफी कर उन्हें सुरक्षित रख दिया गया है. इस घटना ने सरकारी दवा वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जायेगी.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
