समस्तीपुर:चार दिन से धरना पर बैठे छात्रों ने शुरू किया अनशन आंदोलन
समस्तीपुर : डीबीकेएन कॉलेज नरहन में सभी विषयों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की मांग को लेकर भारत का छात्र फेडरेशन के बैनर तले चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है. लगातार चार दिनों तक अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे रहने के बावजूद जब विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा, तब आंदोलनरत छात्रों ने सर्वसम्मति से भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया. शुक्रवार को भूख हड़ताल का पहला दिन है. भूख हड़ताल की शुरुआत सभी आंदोलनरत छात्रों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं उनके विचारों को याद करते हुए की. छात्रों ने “इंकलाब जिंदाबाद”, “एसएफआई जिंदाबाद” जैसे नारों के साथ अपने आंदोलन को आगे बढ़ाया. संगठन के जिला कमेटी सदस्य केशव झा ने कहा कि बाबा साहेब ऑबेडकर ने हमें अपने अधिकारों, शिक्षा और सम्मान के लिए संघर्ष करना सिखाया है. उन्हीं के विचारों पर चलते हुए आज डीबीकेएन कॉलेज नरहन के छात्र अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक सभी विषयों में पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं होगी, यह भूख हड़ताल जारी रहेगा. भूख हड़ताल पर बैठने वालों में कॉलेज इकाई सचिव राहुल कुशवाहा, कॉलेज इकाई अध्यक्ष दीपांशु कुमार, प्रिंस कुमार, प्रिंस कश्यप, आलोक कुमार एवं केशव झा शामिल हैं.
बता दें कि छात्र पिछले चार दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हुए थे. भीषण गर्मी, लगातार संघर्ष एवं शारीरिक कमजोरी के कारण कई छात्रों की तबीयत खराब हो चुकी है.
धरना स्थल पर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने भी यह पुष्टि की कि कई छात्र डिहाइड्रेशन, कमजोरी एवं थकान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. इसके बावजूद छात्रों का हौसला और संघर्ष कमजोर नहीं पड़ा. छात्रों का कहना है कि जब पिछले वर्ष पीजी की पढ़ाई को लेकर भूख हड़ताल किया गया था, तब छात्र नेता केशव झा समेत कई छात्रों की तबीयत अत्यंत खराब हो गई थी. कई छात्रों को बीपी की समस्या हो गई थी. आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि पिछले वर्ष छात्रों के संघर्ष एवं भूख हड़ताल के बाद हिंदी विषय में पीजी की पढ़ाई शुरू हुई थी, लेकिन आज भी अन्य विषयों के छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं.
लगातार मांग करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कॉलेज प्रशासन छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है. धरना स्थल पर मौजूद छात्र-छात्राएं जनवादी गीत, डफली, ताली और नारों के माध्यम से अपने भीतर के दर्द, संघर्ष और नाराजगी को आवाज दे रहे हैं. मौके पर एसएफआई के पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश कुमार, डीवाईएफआई आंचल अध्यक्ष बबलू कुमार तथा समाजसेवी अमरेश कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे.
सभी ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए उनके स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की तथा छात्रों के संघर्ष को न्यायपूर्ण बताया. छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई केवल कुछ छात्रों की नहीं बल्कि ग्रामीण एवं गरीब छात्रों के शिक्षा के अधिकार की लड़ाई है. जबतक डीबीकेएन कॉलेज नरहन में सभी विषयों में पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं होती, आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगा.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
