DM की पत्नी से 35 लाख की ठगी:मसाला-मशरूम प्रोजेक्ट में लगाए थे पैसे
सीवान DM विवेक रंजन मैत्रेय की पत्नी के साथ 35 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उनकी पत्नी सोनाली सोनी ने एक ही कंपनी के डायरेक्टर और उसकी बहन पर 2 बार धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।ये पैसा मसाला प्रोजेक्ट और मशरूम खेती पर निवेश कराने के लिए दिया था। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कंपनी के डॉयरेक्टर ने कोई प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया।
प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ तो DM की पत्नी ने पैसा वापस करने को कहा तो टालमटोल किया। फिर दो चेक दिए गए वो बाउंस हो गए। अब DM की पत्नी ने मुफ्फसिल थाने में अपने साथ हुए फ्रॉड का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।
सोनाली ने आशुतोष मंगलम और उनकी बहन शिवानी पर दो बार धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने स्मार्ट ग्रेविटी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ एक साल के भीतर 35 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज कराया है।पहला मामला 29 जनवरी 2026 को दर्ज हुआ था, जिसमें सोनाली ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सीवान में सेटअप लगाने के नाम पर उनसे 16 लाख रुपए लिए। छह महीने बीत जाने के बावजूद जब सेटअप नहीं लगाया गया, तो पैसे वापस मांगे। लेकिन पैसा नहीं लौटाया जा रहा है।
वहीं, दूसरा मामला 27 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया, जिसमें सोनाली ने मशरूम उत्पादन यूनिट लगाने के नाम पर 19 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया है।उन्होंने 35 लाख रुपए की आर्थिक क्षति का दावा करते हुए आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और चेक बाउंस की धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।
आरोपी की बहन ने भी की ठगी
पहले आवेदन के मुताबिक सोनाली ने पुलिस को बताया, 28 मई 2025 को कंपनी के डायरेक्टर आशुतोष मंगलम ने मुझसे संपर्क कर मसाला उत्पादन यूनिट लगाने का प्रस्ताव दिया। उसने मुझे बताया कि कंपनी की ओर से सेटअप तैयार कर दिया जाएगा, जिससे मैं अपना व्यवसाय शुरू कर सकूंगी.इस प्रस्ताव पर भरोसा करते हुए मैंने 19 लाख रुपए का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बाद भी कोई काम शुरू नहीं किया गया।मैं (सोनाली) आशुतोष से संपर्क करती रही। इसी दौरान आशुतोष की बहन शिवानी ने भी सेटअप लगाने के नाम पर मुझसे 7 लाख रुपए और ले लिए।
यह रकम 20 मई 2025 को दी गई, लेकिन इसके बाद भी न तो कोई मशीन लगाई गई और न ही कोई यूनिट तैयार की गई।
दो चेक दिए, दोनों बाउंस हो गए
आरोपियों ने लंबे समय तक मुझे केवल आश्वासन दिया। कई बार फोन और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए काम शुरू कराने की कोशिश की, लेकिन हर बार मुझे जल्द काम शुरू होगा कहकर टाल दिया गया।मैंने पैसे का दबाव बनाया तो शिवानी ने 16 नवंबर 2025 को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, भगवानपुर मुजफ्फरपुर का 7 लाख रुपए का चेक दिया। यह चेक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, शिवहर स्थित खाते में जमा किया, लेकिन 21 नवंबर 2025 को बैंक ने इसे इनसफीशिएंट बैलेंस के कारण बाउंस कर दिया।
कंपनी के डायरेक्टर आशुतोष मंगलम ने भी बाद में 5 लाख रुपए का एक चेक दिया, लेकिन यह चेक भी 9 फरवरी 2026 को इनसफीशिएंट बैलेंस के कारण बाउंस हो गया।चेक बाउंस होने के बाद मैंने अपने वकील मुन्ना कुमार तिवारी के माध्यम से 10 दिसंबर 2025 को लीगल नोटिस भेजा। इसके बावजूद आरोपियों ने न तो पैसा लौटाया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
सोनाली ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में शिवानी के साथ उसका भाई आशुतोष मंगलम भी शामिल हैं। दोनों ने मिलकर मुझे भरोसे में लिया और धीरे-धीरे बड़ी रकम की ठगी की।
धोखाधड़ी, जालसाजी और विश्वासघात का मामला
सोनाली ने बताया कि यह मामला केवल पैसे की ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात किया किया गया है। इसके अलावा चेक बाउंस का मामला है, जिसपर अलग केस दर्ज कराया है।SP पूरन झा ने कहा कि डीएम की पत्नी की ओर से धोखाधड़ी का आवेदन मिला है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
