गंगाजल छिड़कते ही चलने लगी सांस,वैशाली में चिता पर लेटा बुजुर्ग हुआ जीवित
वैशाली के विदुपुर में एक व्यक्ति अंतिम संस्कार से कुछ देर पहले चिता पर जीवित हो उठा। मिली जानकारी के अनुसार उसके परिजनों के गंगाजल छिड़कने के बाद उसकी सांसें चलने लगीं, जिसके बाद आनन-फानन में घाट पर ही डॉक्टर को बुलाया गया और उसका इलाज शुरू किया गया। जहां 4 घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।दरअसल घटना वैशाली जिले के गंगा नदी के किनारे स्थित गोपालपुर घाट की है। व्यक्ति की पहचान पानापुर दिलावरपुर निवासी रामवृक्ष सिंह के रूप में हुई है।
आंत की बीमारी को लेकर पांच दिन से थे भर्ती
उनके बेटे ने बताया कि उनके पिता रामवृक्ष सिंह आंत की बीमारी से पीड़ित थे। पहले उनका स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें पटना के अगमकुआं स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया।पटना के अस्पताल में रामवृक्ष सिंह पांच दिनों तक भर्ती रहे, जहां इलाज पर एक लाख रुपए से अधिक खर्च हुए। हालांकि, उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार शाम 5 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और परिवार उन्हें घर वापस ले आया।
गंगाजल छिड़कते ही शरीर में हलचल हुई
घर पहुंचने के लगभग 20 घंटे बाद, रविवार को उन्हें अंतिम संस्कार के लिए गोपालपुर घाट लाया गया। चिता पर लेटाने के बाद जब अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, तभी उनके शरीर पर गंगाजल छिड़का गया। गंगाजल के संपर्क में आते ही उनके शरीर में हलचल हुई।
जिसके बाद बेटे ने जब उनके सीने पर हाथ रखा, तो धड़कन महसूस हुई। इसके बाद उन्हें और गंगाजल छिड़का गया और घड़े से गंगा का पानी भी पिलाया, जिसे उन्होंने पिया। इसके बाद घाट पर तत्काल एक डॉक्टर को बुलाकर रामवृक्ष सिंह का प्राथमिक इलाज शुरू किया गया। बाद में उन्हें बिदुपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
डॉक्टरों पर लगाए लापरवाही का आरोप
रामवृक्ष सिंह के दामाद ने पटना के अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया और मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया, जो एक बड़ी चूक है। उन्होंने ऐसी लापरवाही के लिए अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
