झोले में थे जेवरात,दो गोलियां मारकर स्वर्ण व्यवसाई राजेश की हत्या,अपराधी को पकड़ने की मांग को लेकर तीन घंटे तक सड़क जाम
दलसिंहसराय,थाना क्षेत्र के डीह पगड़ा काली स्थान के पास सोमवार की रात बाईक सवार बदमाशों ने स्वर्ण व्यवसायी राजेश पोद्दार की गोली मारकर हत्या कर दी.वह अपनी बुलेट बाइक से नए घर लौट रहे थे.उनके पास एक झोले में सोना चांदी के जेवरात भी था.जिसकी क़ीमत लाखों में बताई जा रही है.इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया.राजेश को दो गोलियां लगीं,जिससे उनकी मौत घटना स्थल पर ही हो गई. वही सुचना पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से एक जिंदा कारतूस और दो खोखा बरामद किया है.स्वजन जेवरात लूटने के प्रयास के दौरान हत्या किए जाने की आशंका जता रहे हैं.क्योंकि घटना के बाद बुलेट सड़क किनारे गढ्ढा में पलट गया था और लोग शोर सुन कर जुटने लगे जिस कारण अपराधी को मौका नहीं मिला और पकड़े जाने के डर से फरार हो गया.हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है.
घटना के बाद मंगलवार की सुबह पोस्टमार्टम से शव आने के बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा.बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने एनएच-28 के सरदारगंज चौक पर सुबह नौ बजे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया.आक्रोशित लोगों का कहना था कि व्यवसायी की हत्या से क्षेत्र के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है.बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए, ताकि आम लोगों और कारोबारियों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके.स्थानीय समाजसेवी तथा डीएसपी विवेक कुमार के आश्वासन के लगभग तीन घंटे बाद सड़क जाम समाप्त हुआ.प्रदर्शनकारियों ने हत्याकांड का जल्द उद्भेदन कर आरोपितों को गिरफ्तार करने और क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने की मांग की.
सात माह के बेटे के सर से उठा पिता का साया।
परिजनों के अनुसार,राजेश पोद्दार पिछले करीब छह वर्षों से काली चौक पर आरोही ज्वेलर्स एवं बर्तन की दुकान चला रहे थे.इसी कारोबार से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे.राजेश की हत्या के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.पत्नी उपासना, मां, भाई और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है.राजेश अपने पीछे पत्नी उपासना,दो बेटियों आरोही और आकृति तथा महज सात माह के एक बेटे को छोड़ गए हैं. जिस उम्र में बच्चों को पिता के स्नेह और संरक्षण की सबसे अधिक जरूरत होती है,उसी उम्र में उनके सिर से पिता का साया उठ गया.सात माह के मासूम को तो यह भी नहीं मालूम कि अब उसके पिता कभी लौटकर नहीं आएंगे.पत्नी उपासना के सामने अब तीनों बच्चों की परवरिश और भविष्य की जिम्मेदारी खड़ी हो गई है.राजेश के छोटे भाई दीपक कुमार नेपाल में रहते हैं.उनकी दो शादीशुदा बहनें रानी और गुड़िया हैं.भाई की हत्या की खबर से पूरा परिवार सदमे में है.मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है.राजेश की असमय मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है.
पुलिस की जांच पर टिकी लोगों की निगाहें।
राजेश हत्याकांड में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वारदात में शामिल बदमाशों की पहचान करना और हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाना है.ग्रामीण एसपी मुकुल कुमार रंजन के अनुसार, पुलिस टीम छापेमारी कर रही है.तकनीकी अनुसंधान, फॉरेंसिक और डीआईयू की मदद ली जा रही है.आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजेश पोद्दार की हत्या करने वाले बदमाश कब तक पुलिस की गिरफ्त में आएंगे और हत्याकांड का खुलासा कब होगा? सात माह के मासूम समेत तीन बच्चों को बेसहारा छोड़ने वाली इस वारदात में पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है.वहीं, क्षेत्र के लोग भी पुलिस की कार्रवाई और बदमाशों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं.
फॉरेंसिक टीम और डीआईयू भी जांच में जुटी।
घटना की सूचना मिलने के बाद सोमवार की रात ही ग्रामीण एसपी मुकुल कुमार रंजन घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया.उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली तथा जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया.ग्रामीण एसपी ने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने और वारदात में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही है.फॉरेंसिक टीम और डीआईयू भी जांच में जुटी है.घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं,पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है.हालांकि, अब तक हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है.स्वजन जेवरात लूटने के प्रयास के दौरान राजेश को गोली मारने की आशंका जता रहे हैं.पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही वारदात के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
