समस्तीपुर कलेक्ट्रेट में मुखिया ने किया आत्मदाह का प्रयास
समस्तीपुर. सरायरंजन प्रखंड की बाजिदपुर मेयारी पंचायत के मुखिया बिरजू राय ने समाहरणालय परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया. वह पंचायत सरकार भवन के निर्माण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होने से नाराज थे. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल रहा. पुलिस मुखिया को अपने साथ ले गई और उनसे पूछताछ की जा रही है.
पुलिस ने समय रहते रोका, परिसर में मची अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिरजू राय पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत समाहरणालय पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने अपने शरीर पर डीजल डाल लिया और आग लगाने का प्रयास किया. मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें रोक दिया. पुलिस ने डीजल की बोतल और माचिस अपने कब्जे में ले ली.
घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई. पुलिस ने मुखिया को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरू की.
श्मशान घाट की जमीन पर भवन निर्माण का आरोप
बिरजू राय का आरोप है कि बाजिदपुर मेयारी पंचायत में पारंपरिक श्मशान घाट की जमीन पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है. उन्होंने निर्माण कार्य में योजना अभिलेख, प्राक्कलन और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े स्तरों पर अनियमितता होने की शिकायत की थी.
मुखिया ने प्रशासनिक अधिकारियों और संवेदक की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
जिलाधिकारी से मुख्य सचिव तक भेजी शिकायत
मुखिया के अनुसार, उन्होंने मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी समस्तीपुर और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को आवेदन दिए थे. स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर 28 सितंबर 2026 को पटना जाकर बिहार सरकार के मुख्य सचिव को साक्ष्यों के साथ ज्ञापन सौंपा था.इसके बाद 10 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पंचायती राज मंत्री को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर हस्तक्षेप की मांग की थी.
निर्माण रोकने और निष्पक्ष जांच की मांग
बिरजू राय की मांग थी कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने तक निर्माण कार्य रोक दिया जाए. उनका कहना है कि लगातार शिकायत करने के बावजूद निर्माण जारी रहने से वह निराश थे.सोमवार को आत्मदाह का प्रयास करने से पहले उन्होंने 27 अक्टूबर को ऐसा कदम उठाने की चेतावनी दी थी. घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है. अब आगे की कार्रवाई और शिकायतों की जांच को लेकर प्रशासन का रुख महत्वपूर्ण होगा.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
