समस्तीपुर में पानी की किल्लत पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने SH 88 किया जाम
समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत धर्मपुर पंचायत के वार्ड संख्या 12 में पिछले कई दिनों से गहराए पेयजल संकट से तंग आकर ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया. पीने के पानी की किल्लत से परेशान आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार की दोपहर एसएच 88 को पूरी तरह जाम कर दिया. सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की.
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि हाल ही में आई आंधी और बारिश के बाद से नल-जल योजना के तहत होने वाली पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है. कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक जलापूर्ति बहाल करने की कोई दिशा में पहल नहीं की गई है. इस भीषण गर्मी और उमस के बीच गांव में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है और लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है.
आक्रोशित लोगों ने बताया कि पेयजल की इस गंभीर समस्या को लेकर वे स्थानीय मुखिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सहित संबंधित विभाग के अन्य अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं. बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया. स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि दैनिक कार्यों के अलावा पीने के पानी के लिए भी लोगों को दूर-दराज के चापाकलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
5 घंटे तक ठप रहा एसएच 88, राहगीर रहे परेशान
पानी की समस्या से आजिज होकर जब ग्रामीणों ने एसएच 88 को जाम कर दिया, तो सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं. लगभग पांच घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहने से राहगीरों, एंबुलेंस और दूर-दराज का सफर करने वाले यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की कतार लगने से अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया.
समाजसेवियों के आश्वासन पर समाप्त हुआ आंदोलन
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रबुद्ध ग्रामीण और समाजसेवी मौके पर पहुंचे. उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जल्द से जल्द नल-जल योजना की मरम्मत कराकर पानी की आपूर्ति बहाल कराने का ठोस आश्वासन दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया. स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
