समस्तीपुर- दुर्गापूजा में आपात स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग:फायर ब्रिगेड ने गैस सिलेंडर
समस्तीपुर में दुर्गा पूजा के दौरान आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी है। शुक्रवार को मुफस्सिल थाना परिसर में पुलिस अधिकारियों और जवानों को आग बुझाने और बचाव के तरीके सिखाए गए।ट्रेनिंग में गैस सिलेंडर, पेट्रोल और घर में आग लगने पर काबू पाने का लाइव प्रैक्टिकल दिखाया गया। इसका मकसद श्रद्धालुओं की सुरक्षा पक्की करना है, ताकि आपात स्थिति में पुलिसकर्मी खुद मोर्चा संभाल सकें।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी धनंजय कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इसमें अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति कुमारी, सब ऑफिसर शंभू राय, मोहन राय, राजेश कुमार, सहनी आलमगीर अंसारी, विजय कुमार और अग्निशमन कर्मी नेहा कुमारी, कोमल कुमारी, राजा बाबू शामिल थे।
आग लगने पर अलग-अलग तरीकों से आग बुझाने की दी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में आग लगने पर किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए, इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया। गैस सिलेंडर में आग लगने, पेट्रोल में आग पकड़ने और घर में आग लगने जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव के उपाय बताए गए। पुलिसकर्मियों को समझाया गया कि आग लगने की सूचना मिलने पर घबराने के बजाय स्थिति का आकलन कर सुरक्षित तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।
अग्निशमन कर्मियों ने बताया कि आग की छोटी घटना भी लापरवाही के कारण बड़े हादसे का रूप ले सकती है। ऐसे में शुरुआती स्तर पर सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को इस तरह तैयार करना था कि अग्निशमन दल के पहुंचने से पहले वे परिस्थितियों के अनुरूप प्राथमिक राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर सकें। हालांकि, आग की गंभीर स्थिति में प्रशिक्षित अग्निशमन दल की मदद लेना और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी धनंजय कुमार ने बताया कि दुर्गा पूजा को लेकर अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क और सजग है। पूजा के दौरान विभिन्न पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। इस दौरान बिजली के उपकरणों, सजावट सामग्री और अन्य कारणों से आग लगने की आशंका बनी रहती है। ऐसी किसी भी घटना से निपटने के लिए विभाग की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पूजा पंडालों में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को जागरूक करने का उद्देश्य आपात स्थिति में तत्काल प्राथमिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यदि किसी पंडाल या आसपास के इलाके में आग लगने की घटना होती है, तो पुलिसकर्मी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, भीड़ को नियंत्रित करने और अग्निशमन विभाग को सहयोग देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपील की कि पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें और किसी भी आपात स्थिति में बिना देर किए संबंधित विभाग को सूचना दें। आग से बचाव के नियमों का पालन करने और सतर्कता बरतने से बड़े हादसों की आशंका को कम किया जा सकता है।कार्यक्रम में मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक अजीत प्रसाद सिंह, महिला थानाध्यक्ष प्रीति कुमारी सहित मुफस्सिल थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिसकर्मियों को दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी अग्निकांड की स्थिति में तत्परता से काम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जागरूक किया गया।
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