दरभंगा में फंदे से लटकी मिली नवविवाहिता:ससुराल पक्ष पर सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप
दरभंगा के केवटी थाना क्षेत्र के बाढ़ समैला गांव की 23 साल की नवविवाहिता हुस्ने आरा की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाने से मौत हो गई। मृतका के भाई शमशेर आलम ने केवटी थाना में आवेदन देकर पति समेत ससुराल पक्ष के आठ लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने,गहने छीनने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
आवेदन के अनुसार, हुस्ने आरा की शादी 8 अगस्त 2025 को लोआम निवासी जफर इकबाल, पिता मो. साबिर हुसैन के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति जफर इकबाल, ससुर मो. साबिर हुसैन, सास नसीमा खातून, मामा अब्दुल कादिर उर्फ जिलानी और ननदों समेत अन्य ससुराल वालों की ओर से पांच लाख रुपये नकद और महंगी बाइक की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना करने का आरोप लगाया गया है।
शादी के तीन महीने बाद मायके भेजने का आरोप
मृतका के भाई शमशेर आलम ने बताया कि शादी के समय किसी तरह की दहेज की मांग नहीं की गई थी। शादी के करीब 10 दिन बाद से ही रुपये और बाइक की मांग शुरू कर दी गई। करीब तीन महीने बाद हुस्ने आरा को ससुराल से मायके भेज दिया गया और इसके बाद उसे वापस नहीं ले जाया गया।
परिजनों का आरोप है कि विवाह के समय हुस्ने आरा को दिए गए जेवर भी ससुराल वालों ने अपने पास रख लिए। मृतका के पास करीब दो तोला सोना और आठ तोला चांदी के जेवर होने की बात कही गई है। परिजनों के अनुसार, उन्होंने ससुराल पक्ष से कहा था कि पति के विदेश से लौटने से पहले बाइक देने की व्यवस्था कर देंगे, लेकिन इसके बावजूद हुस्ने आरा को वापस नहीं रखा गया।मृतका के भाई ने कहा कि डिप्रेशन में मेरी बहन कर यह घटना को अंजाम दी है। मेरी बहन को फोन पर तलाक देने की बात कही जा रही थी।
मृतका के भाई ने कहा- दो बार पंचायत भी हुई, मामला नहीं सुलझा
मृतका के भाई ने बताया कि मामले को लेकर दो बार पंचायत भी हुई थी। पंचायत में ससुराल पक्ष की ओर से कथित तौर पर हुस्ने आरा को नहीं रखने की बात कही गई। परिजनों के अनुसार, ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।शमशेर ने बताया कि हुस्ने आरा का मोबाइल नंबर भी ससुराल वालों ने ब्लॉक कर दिया था, जिससे उसकी बातचीत नहीं हो पा रही थी। मृतका का पति जफर इकबाल दुबई में इलेक्ट्रिशियन का काम करता है।
बहन ने भी लगाया प्रताड़ना का आरोप
मृतका के भाई मोहम्मद आबिद ने आरोप लगाया कि जफर इकबाल की बहन सना परवीन भी हुस्ने आरा को काफी प्रताड़ित करती थी। आबिद के अनुसार, शादी के समय कोई मांग नहीं थी, लेकिन शादी के बाद धीरे-धीरे रुपये और बाइक की मांग शुरू कर दी गई। विवाह में मायके से दिए गए जेवर भी ससुराल पक्ष द्वारा रख लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
फांसी लगाने के बाद डीएमसीएच में घोषित किया मृत
परिजनों के अनुसार, लगातार प्रताड़ना और मानसिक दबाव के बीच हुस्ने आरा ने फांसी लगा ली। इसके बाद उसे इलाज के लिए डीएमसीएच लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।बेंता थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि हुस्ने आरा को इलाज के लिए डीएमसीएच लाया गया था, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उन्होंने बताया कि मामले में मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई थी और उनकी मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया।
थानाध्यक्ष के अनुसार, कानून के प्रावधान के तहत विवाह के सात वर्ष के भीतर विवाहिता की मृत्यु होने पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतका के परिजनों का बयान दर्ज कर लिया गया है और संबंधित थाना को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए भेजा जाएगा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
