समझौते के बाद भी बढ़ी मजदूरी नहीं मिली, समस्तीपुर जूट मिल में हंगामा
समस्तीपुर नगर निगम क्षेत्र के मुक्तापुर स्थित एकमात्र रामेश्वर जूट मिल में समझौते के अनुसार बढ़ी मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर मंगलवार को मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा। वेतन भुगतान के दौरान पुराने दर से मजदूरी मिलने की जानकारी मिलते ही मजदूरों ने मिल परिसर में हंगामा किया। मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध जताया। जानकारी के अनुसार, करीब एक वर्ष तक बंद रहने के बाद 6 जून 2026 को मजदूर यूनियन के अध्यक्ष नौशाद आलम, पदाधिकारियों, समस्तीपुर के श्रम अधीक्षक, दरभंगा प्रमंडल के डिप्टी लेबर कमिश्नर के बीच समझौता हुआ था। समझौते में मजदूरों की दैनिक मजदूरी में 35 रुपये की बढ़ोतरी तय हुई थी। सेवानिवृत्त मजदूरों को ग्रेच्युटी फंड सहित अन्य बकाया राशि के भुगतान पर भी सहमति बनी थी। इसके बाद 16 जुलाई 2026 को श्रम विभाग, मजदूर यूनियन नेताओं की मौजूदगी में मिल का सायरन बजाकर संचालन शुरू किया गया।
कच्चे जूट की उपलब्धता होने के कारण नियमित उत्पादन 1 अगस्त 2026 से शुरू हो सका। मंगलवार 25 अगस्त 2026 को मजदूरों को मजदूरी का भुगतान किया गया। भुगतान टिकट में 35 रुपये की बढ़ोतरी शामिल नहीं थी। इसी पर मजदूरों ने विरोध शुरू कर दिया। मजदूर यूनियन के अध्यक्ष नौशाद आलम ने श्रम अधीक्षक से वार्ता की। समाधान की पहल की।
कंपनी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि मजदूरी भुगतान टिकट में हुई त्रुटियों को आगामी भुगतान में सुधार दिया जाएगा। नोटिस के अनुसार, समझौते के तहत 35 रुपये की दैनिक बढ़ोतरी के साथ अगस्त 2026 का 3.33 रुपये प्रतिदिन डीए भी अगले मजदूरी भुगतान टिकट में जोड़ा जाएगा। यह भुगतान 7 सितंबर 2026 को होना है। 15 दिनों का बकाया भुगतान भी किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि पीएफ के पिछले हिसाब, सालाना छुट्टी, पीएल, सीएल से जुड़े सुधार में करीब 25 से 30 दिन लग सकते हैं।
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