पहले बहन का अपहरण, दूसरे दिन भाई की हत्या:केस उठाने, गवाही रुकवाने का दबाव बना रहे थे आरोपी
बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र स्थित रघुनाथपुर गांव के रहने वाले गोलू कुमार (18) की संदिग्ध मौत मामले में खुलासा हुआ है। जिस घटना को शुरुआत में महज एक सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, वह असल में एक सोची-समझी खौफनाक हत्या निकली। मृतक की नाबालिग बहन के अपहरणकर्ताओं ने ही केस उठाने और गवाही रुकवाने का दबाव बनाते हुए इस वारदात को अंजाम दिया।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद मृतक के परिजनों ने लाखो थाने में नामजद हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। घटना के बाद जब देर रात गोलू का शव उसके पैतृक गांव रघुनाथपुर पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने न्याय की मांग करते हुए आज करीब एक घंटे तक नेशनल हाईवे (NH) को जाम रखा, जिसे बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से खुलवाया गया।
स्व. चंद्रिका राय के इकलौते बेटे गोलू की हत्या के मामले में उसके चाचा सच्चिदानंद राय ने लाखो थाने में लिखित शिकायत दी है। पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार 31 जुलाई की सुबह करीब 3 बजे सच्चिदानंद राय की नाबालिग भतीजी (गोलू की बहन) का गांव के ही कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था। इस मामले में साहेबपुर कमाल थाने में 1 अगस्त को मामला दर्ज कराया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद अपहृत लड़की को बरामद कर लिया गया।
बहन का बयान दर्ज कराने आ रहा था गोलू
3 अगस्त को पुलिस रीमा कुमारी (काल्पनिक नाम) को बेगूसराय कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए ले जा रही थी। बहन की मदद और अन्य अदालती कार्रवाई के लिए उसका सगा भाई गोलू कुमार R15 बाइक नंबर- BR34V 8278 से पुलिस की गाड़ी के पीछे-पीछे जा रहा था। आरोप है कि जैसे ही गोलू रघुनाथपुर से निकला, अपहरण कांड के नामजद आरोपियों और 2-3 अज्ञात लोगों ने मिलकर उसे रास्ते में रोक लिया।
उन्होंने गोलू को धमकी दी कि वह अपनी बहन का बयान बदलवा दे और केस वापस ले ले। गोलू के इनकार करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और कहा कि वे उसे जिंदा बेगूसराय पहुंचने नहीं देंगे। धमकी के बावजूद गोलू अपने रास्ते पर आगे बढ़ा। इसी बीच 3 अगस्त की दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच एनएच-31 (NH-31) पर खातोपुर गुप्ता बांध राजा डुमरी के पास आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए गोलू को घेर लिया।
धारदार हथियार से हत्या करने का आरोप
वहां धारदार हथियार (कत्ता) से गोलू के सिर पर वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई और सभी आरोपी वहां से भाग निकले। घटना का एक चश्मदीद गवाह भी सामने आया है। गांव के ही विवेक राय के पुत्र प्रिंस कुमार जो रास्ते में पीछे से आ रहा था, उसने आरोपियों को गोलू पर हमला करते हुए देखा। लेकिन वह डर के मारे वहां से भाग गया और बाद में परिजनों को इसकी सूचना दी।
लाखो थाना में BNS की धाराओं में FIR दर्ज
मृतक के चाचा सच्चिदानंद राय की शिकायत के आधार पर लाखो थाना में BNS की धारा- 103(1), 61(2) एवं 3(5) के तहत FIR दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी अंकित कुमार पहले से जेल में हैं। जबकि प्रिंस यादव एवं बाबुल यादव सहित अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। मामले का आईओ सब-इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को बनाया गया है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
