जल प्रकृति द्वारा मानव जीवन को प्राप्त सबसे अमूल्य धरोहर : प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र कुमार
दलसिंहसराय,जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत स्थानीय आर. एल. महतो इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन परिसर में शुक्रवार को जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा जल संकट से निपटने के लिए व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना था.
कार्यक्रम के दौरान वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, कृत्रिम भूजल पुनर्भरण, सोखता (रिचार्ज पिट) निर्माण तथा जल संसाधनों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई. वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में तेजी से गिरते भूजल स्तर और बढ़ते जल संकट को देखते हुए जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है.
प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जल प्रकृति द्वारा मानव जीवन को प्राप्त सबसे अमूल्य धरोहर है.इसके बिना मनुष्य, पशु-पक्षी, जीव-जंतु एवं वनस्पतियों का अस्तित्व संभव नहीं है.उन्होंने कहा कि यदि आज जल की बर्बादी नहीं रोकी गई और वर्षा जल का समुचित संचयन नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जल के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ-साथ उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए.वहीं सहायक प्राध्यापक निर्मल कुमार चंचल ने वर्षा जल संचयन के प्राकृतिक एवं कृत्रिम उपायों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक घर, विद्यालय, महाविद्यालय एवं अन्य भवनों में वर्षा जल को संरक्षित करने की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए.
निलेश कुमार ने कहा कि भूजल पुनर्भरण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है.यदि वर्षा के जल को वैज्ञानिक तरीके से भूमि में पहुंचाया जाए, तो सूखते जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया जा सकता है और भविष्य में पेयजल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है.उन्होंने विद्यार्थियों से अपने-अपने गांव एवं मोहल्लों में भी जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया.कार्यक्रम में केशव कुमार चौधरी, सत्यम, राजेश कुमार गिरी, उमा शंकर चंदन, योगेश कुमार, हसन राजा अंसारी, सर्वेश सुमन, नीलम कुमारी, कुमारी दीपा, आकांक्षा कुमारी, पल्लव पारस, रूपक कौशल, रश्मि रोजी, श्वेता कर्ण, किरण चौधरी एवं शेफाली दीक्षिता सहित शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे.कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने तथा वर्षा जल संचयन को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
