एआई जेनरेटेड टिकट से रेल यात्रा का खुलासा:पवन एक्सप्रेस से तीन यात्रियों की गिरफ्तारी
समस्तीपुर रेलवे मंडल से खुलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में एआई जेनरेटेड टिकट से यात्रा के गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। फर्जी टिकट लेकर पवन एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे तीन यात्रियों की गिरफ्तारी से रेलवे अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने मंडल के विभिन्न स्टेशनों से खुलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में खास कर तत्काल और प्रिमियम टिकट की बारिकी से जांच का आदेश दिया है।
जयनगर से लोकमान्य तिलक जा रही पवन एक्सप्रेस में गिरफ्तार किए गए तीनों यात्रियों को जेल भेज दिया गया है। जेल भेजे गए यात्रियों में दरभंगा जिले के हायाघाट निवासी मो. अदरी, मो. मुस्ताक और रहमान शेख शामिल है। जबकि एक अन्य यात्री फरार है। जीआरपी थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर बीरवल कुमार ने बताया कि इस मामले में सीटीटीआई के.के मिश्रा के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
रेलवे मंडल के कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि पवन एक्सप्रेस में प्रीमियम तत्काल टिकट पर एसी-3 के बी-2 में सीट संख्या 57, 58, 59, 60 पर यात्री यात्रा कर रहे हैं। एक यात्री दरभंगा से उसी पीएनआर पर यात्रा कर रहा है, जबकि समस्तीपुर में एक यात्री उसी टिकट पर यात्रा की कोशिश कर रहा है। वहीं, दो यात्री मुजफ्फपुर में चढ़ने वाले थे।सूचना के बाद एसीएम राजेश कुमार के साथ आरपीएफ की टीम ने ट्रेन में जांच की। जांच में पाया गया कि पकड़ा गया टिकट माहाराष्ट्र के नागपुर मंडल से जारी किया गया है। जबकि इसे हैदराबाद से बुक कराया गया है। अब सवाल उठ रहा है कि हैदराबाद से उक्त टिकट चौबीस घंटा पहले दरभंगा कैसे पहुंच गया।
जांच में पाया गया कि जो टिकट पकड़ा गया है वह एआई जेनरेटेड है। जबकि जो टिकट कांउटर से काटे जाते हैं यात्री को उसी टिकट की मूलप्रति के सहारे यात्रा करनी होती है। लेकिन यात्री के पास एआई जेनरेटेड टिकट पाया गया। छानबीन के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार मो. अदरी ने कहा कि जिस तत्काल टिकट पर वह यात्रा कर रहा था। उस टिकट को उसके पुत्र ने किसी दलाल से खरीदा थ। चारों टिकट के लिए दलाल को 22 हजार रुपए दिए थे। दलाल ने एआई जेनरेटेड टिकट दिया यह वह नहीं जानते।
यात्रियों का लगाया जा रहा चूना
अब तक की पुलिसिया जांच में यह बात समाने आई है कि अब किसी भी जगह से किसी भी स्टेशन के लिए टिकट काटा जा सकता है। इसी नियम का लाभ लेकर दलाल ने तत्काल प्रिमियम टिकट काट दिया। बाद में उक्त टिकट के डाटा को एआई से भर कर नया टिकट जारी कर लिया और उसे यात्री को बेच डाला।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
