समस्तीपुर:निकली भव्य कलश शोभायात्रा, 2100 कन्याओं ने लिया भाग
: समस्तीपुर जिला के खानपुर प्रखंड क्षेत्र के कानू विशनपुर पंचायत स्थित 24 अवतार धाम चकोटी मठ में आयोजित नौ दिवसीय विष्णु महायज्ञ एवं आध्यात्मिक महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई. धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत इस शोभा यात्रा में 2100 कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया और पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान कर दिया.
बता दें कि गुरुवार सुबह से ही मठ परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. नई-नई रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजी कन्याएं वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि एवं जय श्रीराम और हर हर महादेव की जयघोष के बीच कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं. यह यात्रा 24 अवतार धाम चकोटी मठ से प्रारंभ होकर इलमासनगर, मनवाड़ा,सिरोपट्टी,पीरखपुर सहित विभिन्न गांवों से गुजरते हुए बूढ़ी गंडक नदी के संगम घाट पहुंची. जहां पर विद्वान आचार्यों एवं पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा का पूजन किया गया. धार्मिक विधि-विधान के अनुसार सभी कलशों में पवित्र जल भरा गया. इसके उपरांत गाजे-बाजे, घुड़सवारों,आकर्षक रथों एवं धर्मध्वजाओं के साथ विशाल कलश यात्रा कोठिया, कादरचक एवं इलमासनगर होते हुए पुनः चकोटी मठ पहुंची.
मठ परिसर पहुंचने पर वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार कलश स्थापना की गई जिसके साथ ही नौ दिवसीय महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ.
महायज्ञ के आयोजक एवं मंदिर के महंत महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 बाबा राम सेवक दास जी महाराज ने बताया कि इस नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से संत-महात्माओं का आगमन हो रहा है. श्रद्धालुओं एवं संतों के लिए विशाल महाभंडारे की व्यवस्था की गई है,जहां प्रतिदिन हजारों भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे. उन्होंने बताया कि प्रतिदिन संध्या 4 बजे से 8 बजे तक विद्वान संतों द्वारा अमृतमयी प्रवचन एवं सत्संग का आयोजन किया जाएगा. वहीं रात्रि में वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य रासलीला का मंचन प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका श्रद्धालु भरपूर आनंद उठाएंगे.
कार्यक्रम में जिला पार्षद स्वर्णिमा सिंह ने कहा कि भक्ति से शक्ति मिलती है.इस तरह के आयोजन से जहां एक तरफ समाज में अमन चैन की स्थापना होगी वहीं दूसरी ओर ईश्वर के प्रति आस्था और विश्वास जागेगा.
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, स्नानागार, शौचालय, भोजन एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है.धार्मिक आस्था, वैदिक संस्कृति और सनातन परंपरा के इस विराट आयोजन ने पूरे खानपुर क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग दिया है. श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण को नई ऊर्जा मिलती है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
