गंडक में नाव पलटी,एक ही परिवार की तीन बच्चियां लापता हो गईं
गोपालगंज.मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया घाट पर शुक्रवार को गंडक नदी में एक बड़ा हादसा हो गया। तेज आंधी और बारिश के कारण नदी की मझधार में एक छोटी नाव अचानक पलट गई। इस हादसे में एक ही परिवार की तीन बच्चियां लापता हो गईं। नाविक ने तीन लोगों की जान बचा ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। मोहम्मदपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने इसकी सूचना एसडीआरएफ टीम को दी। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। हालांकि, अबतक तीनों में से किसी भी बच्चियों का पता नहीं चल सका। जानकारी के अनुसार, डुमरिया पंचायत के टडसपुर गांव के रहने वाले चंदन यादव की मां मुन्नी देवी अपने पोते अभिमन्यु व अंकित, पोती रिया व कृति, रिया की मौसेरी बहन अनन्या के साथ नाव पर सवार होकर नदी पार मूंग तोड़ने जा रही थीं।
नाव को सत्येंद्र यादव नाम का नाविक चला रहा था। तभी अचानक मौसम बदला। तेज आंधी-पानी के कारण नाव अनियंत्रित हो गई। नाव गंडक की मुख्य धारा में पलट गई। तीन बच्चियों के गंडक नदी में डूब जाने के बाद परिजनों में चीत्कार मच गया। रिया और कृति की मां रिंकु देवी की आंखें रोते-रोते पथरा गईं। अनन्या की मां अनिता देवी रोते-रोते बेहोश हो रही हैं। गांव की तीन बच्चियों के एक साथ गंडक नदी में डूब जाने के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।
मौसी के घर आई थी अनन्या अनन्या की दादी लालपरी देवी ने बताया कि अनन्या अपनी मौसी के घर आई थी। वहां वह अपने मौसेरे भाई-बहनों के साथ नाव पर सवार हो गई। होनी को कुछ और ही मंजूर था। शायद भगवान को तीनों बहनों को एक साथ बुलाना था। कहते-कहते अनन्या की दादी लालपरी देवी रोते-रोते बेहोश हो रही थीं।
हादसे में ये बच्चियां हुईं लापता: इस नाव हादसे में रिया, कृति और रिया की मौसेरी बहन अनन्या लापता हो गईं। इस हादसे में अभिमन्यु व अंकित, और उनकी दादी को बचा लिया गया।
दादी ने बताया- तेज हवा से नाव हुई असंतुलित इस हादसे में बचे बच्चों की दादी मुन्नी देवी ने बताया कि हम लोग नदी के बीच में गए ही थे। तभी अचानक तेज हवा और बारिश से नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाविक सत्येंद्र यादव ने हमें और दो बच्चों को किसी तरह बचा लिया। लेकिन मेरी आंखों के सामने ही हमारी तीन पोतियां नदी में समा गईं। यह कहकर मुन्नी देवी अपने भाग्य को कोस रही थीं।
मुआवजे का है प्रावधान नाव हादसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने या लापता होने की पुष्टि होने पर बिहार सरकार के आपदा विभाग से मृतक के आश्रित परिवार को चार लाख का मुआवजा दिया जाता है। मुआवजे की फाइल स्थानीय अंचल अधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से जिला अधिकारी को जाती है। वहां से राशि सीधे पीड़ित के बैंक खाते में (डीबीटी के जरिए) भेजी जाती है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
