बेगूसराय:गाड़ी ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत लेते अफसर-दलाल अरेस्ट:6000 रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ा
“बेगूसराय:गाड़ी ट्रांसफर के नाम पर रिश्वबेगूसराय में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में जुटी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने कार्रवाई की है। बेगूसराय जिला परिवहन कार्यालय में तैनात प्रधान लिपिक संजय कुमार और उनके निजी दलाल शिवानंद झा को निगरानी की टीम ने 6000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई गाड़ी ट्रांसफर करने के नाम पर ली जा रही घूस को लेकर की गई है।
चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र स्थित सकरौली गांव के रहने वाले सत्यम कुमार अपनी गाड़ी का ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) कराने के लिए पिछले कई दिनों से बेगूसराय डीटीओ ऑफिस के चक्कर काट रहा था। सभी कागजात सही होने के बावजूद, कार्यालय के बड़ा बाबू संजय कुमार की ओर से काम करने के एवज में 6000 की रिश्वत मांगी जा रही थी।
पीड़ित पर पैसे देने का बना रहा था दबाव
इस काम में उनका सहयोग उनका निजी दलाल शिवानंद कर रहा था, जो पीड़ित पर लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था। पीड़ित रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने इसकी शिकायत छह दिन पहले पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से कर दी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया।
जिसमें घूस मांगे जाने की बात पूरी तरह सही पाई गई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी ब्यूरो के डीएसपी रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।शुक्रवार को पीड़ित ने डीटीओ कार्यालय में बड़ा बाबू संजय कुमार के कहने पर दलाल शिवानंद को 6000 रुपया दिया। तभी सादे लिबास में तैनात निगरानी की टीम ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से डीटीओ ऑफिस में हड़कंप मच गया और कई अन्य कर्मी अपनी सीट छोड़कर खिसक गए।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम दोनों आरोपियों से सर्किट हाउस में पूछताछ कर रही है। उसके बाद भागलपुर के विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। इस सफल कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों और बिचौलियों के गठजोड़ पर एक बार फिर बड़ा प्रहार हुआ है।डीएसपी रंजीत कुमार निराला के नेतृत्व में पहुंची निगरानी विभाग की टीम ने जिला परिवहन कार्यालय के लिपिक संजय कुमार और दलाल शिवानंद झा को पकड़ा है।
इस संबंध में डीएसपी रंजीत कुमार निराला ने बताया कि बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र स्थित सकरौली गांव के रहने वाले राम पुनीत महतो के पिता सत्यम कुमार ने यूपी से एक मालवाहक पिकअप गाड़ी खरीदा था। इसे बेगूसराय जिला में ट्रांसफर करना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने 26700 का चलान भी कटाया था। लेकिन दो-तीन महीना से पेपर ट्रांसफर के लिए चक्कर लगा रहे थे।
ऑफिस के बाहर ले रहा था पैसा
संजय कुमार ने 20 हजार रुपया की डिमांड की थी। लेकिन वह पैसा नहीं देना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने निगरानी कार्यालय में आवेदन दिया। आवेदन का सत्यापन किए जाने के बाद 6000 में देने की बातें हुई। लिपिक संजय कुमार ने अपने दलाल शिवानंद का नंबर दे दिया और उसे पैसा देने को कहा था। आज जब सत्यम पैसा देने गया तो संजय ने शिवानंद को पैसा लेने के लिए कहा। फिर उसने शिवानंद को फोन करके संपर्क किया और कार्यालय से बाहर पैसा लेते ही शिवानंद को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद संजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पीड़ित सत्यम कुमार ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के बनारस से मालवाहक पिकअप खरीदा। हमने अपने पापा राम पुनीत महतो के नाम से उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर करवा लिया, फिर बिहार में चालान जमा करना था। हमने 26732 रुपया का चालान कटवा दिया।
चालान कटवाने के बाद बार-बार पेपर के लिए जाते रहे। लेकिन 3 महीना से लिपिक संजय कुमार आज-कल कर रहे थे। बाद में पता चला कि पैसा दिए बगैर काम नहीं होगा। 3 महीने से हम परेशान थे, ऑनर बुक नहीं दिया जा रहा था। पहले हमसे 20000 मांगा गया, फिर 8000 देने के बात तय हुई थी। हमने 6 दिन पहले इसकी शिकायत निगरानी विभाग से कर दी। आज 6000 देते ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
डीटीओ कार्यालय में अधिकारी खुद पैसा नहीं लेते हैं, पैसा लेने के लिए अलग से दलाल रखते हैं। डीटीओ ऑफिस का पूरा सिस्टम दलाली पर ही चल रहा है, इस पर एक्शन नहीं हो रहा है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
