गर्मी के कारण दलसिंहसराय अनुमंडल अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़,ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे तीन सौ से ऊपर मरीज।
दलसिंहसराय,मौसम के बदलते मिजाज और दिन के तापमान बढ़ोतरी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है.दलसिंहसराय अनुमंडल क्षेत्र में गर्मी और लू के कारण बीमारी तेजी से पांव पसार रही हैं. शहर से लेकर गांव तक लगभग हर घर में लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में हैं. अनुमंडल अस्पताल सहित निजी क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ देखने को मिल रहा है.सबसे ज्यादा असर बीमार लोगो,बच्चों और बुजुर्गों पर देखा जा रहा है,जो उल्टी, दस्त और डायरिया,चेचक,सर्दी खासी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं.इसे लेकर इमरजेंसी में रोजाना मरीज पहुंच रहे है.अस्पताल की इमरजेंसी में डायरिया और उल्टी-दस्त से पीड़ित एक सप्ताह में दो दर्जन मरीज भर्ती कराये गये.
बदलते मौसम में दिन में भीषण धुप से लू जैसी स्थिति रहती है.
तो रात में तापमान कम होने पर लोगो को राहत मिलती है.अस्पताल में पर्ची काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कक्ष तक मरीज दवा-उपचार के लिए जूझते नजर आरहे है.भीड़ के कारण कई मरीज बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख कर रहे है तो कई मरीज बिना इलाज कराये घर लौट रहे है.साथ ह्दय व अस्थमा रोगियों की संख्या भी बढ़ गई है.वही परिवार नियोजन को लेकर अस्पताल परिसर में ऑपरेशन कराने आरहे मरीज और परिजनों की भीड़-भाड़ काफी बढ़ गई है.
अस्पताल प्रशासन के अनुसार ओपीडी में रोजाना 3 सौ से ऊपर मरीज पहुंच रहे है. वही इमरजेंसी में प्रतिदिन औसतन 4 से 5 गंभीर बीमारी के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं.गर्मी और दूषित खान-पान संक्रामक रोगों के मुख्य कारण बन रहे हैं.
गर्मी में क्या करें और क्या ना करें:
डॉ.राजकुमार साह ने बताया कि गर्मी के समय कुछ सावधान रख कर आप स्वस्थ रह सकते है.प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें,आम का पन्ना, बेल का शरबत, नींबू पानी, छाछ,नारियल पानी और जलजीरा का सेवन करें,चाय, कॉफी, और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर में निर्जलीकरण बढ़ाते हैं.हल्का और ताजा भोजन करें.बासी खाने से बचें,क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा होता है.दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें,जरूरत हो तो धूप में बाहर निकलते समय सिर पर टोपी, स्कार्फ या गमछा रखें. धूप का चश्मा और छाते का उपयोग करे.सूती और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें.
अस्पताल के डीएस डॉक्टर रामचंद्र सिंह ने बताया कि बदलते मौसम के कारण ओपीडी और इमरजेंसी में बुखार,सर्दी खांसी,डायरिया के मरीज बढ़े हैं.अस्पताल में दवाओं की कोई किल्लत नहीं है.मरीजों को आवश्यक दवाएं और चिकित्सीय परामर्श कराया जा रहा है. वार्डों में भर्ती मरीजों की नियमित राउंड के जरिए निगरानी की जा रही है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
