महारानी कामसुंदरी के द्वादश कर्म में पहुँचे कई हस्ती, श्रद्धांजलि अर्पित की
दरभंगा.मिथिला की गौरवशाली परंपरा और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक महारानी कामसुंदरी देवी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में देश के विभिन्न हिस्सों से आए अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने महारानी कामसुंदरी देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के आवागढ़ से कुंवर भुवेंद्र पाल सिंह, कोलकाता हाईकोर्ट से नियुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश गोपाल कुमार राय, बराउ (उत्तर प्रदेश) इस्टेट के रमण कुमार सिंह, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य मलकीत सिंह, डुमरांव के शिवांग विजय सिंह, हजारीबाग के उदयभान सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा मदन मोहन मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिशंकर सिंह, सचिव विनोद सिंह तथा बिहार प्रदेश अध्यक्ष विपिन सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि महारानी कामसुंदरी देवी नारी सशक्तिकरण, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण की एक सशक्त मिसाल थीं। उन्होंने कहा कि उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है और आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों व कार्यों से सीख लेनी चाहिए।
सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने कहा कि मिथिला की पहचान और उसकी सांस्कृतिक अस्मिता को संजोने में महारानी कामसुंदरी देवी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने शिक्षा, कला और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे आज भी प्रासंगिक हैं। झंझारपुर सांसद रामप्रीत मंडल ने कहा कि महारानी ने सामाजिक दायित्वों को जिस निष्ठा और समर्पण से निभाया, वह समाज के लिए आदर्श है।
पूर्व डीजीपी एवं प्रसिद्ध कथावाचक गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि महारानी कामसुंदरी देवी का जीवन आध्यात्मिकता, सेवा और संस्कारों का संगम था। उनके व्यक्तित्व से समाज को नैतिक दिशा मिली। पूर्व मंत्री जीवेश कुमार ने कहा कि उन्होंने हमेशा जनकल्याण और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता दी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
