Patna

बिहार के 6 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत, 5 गंभीर: आयरन प्लांट में ब्लास्ट,खौलता लोहा गिरा

पटना.गयाजी.बिहार के 6 मजदूर छत्तीसगढ़ में स्पंज आयरन प्लांट में हुए ब्लास्ट में जिंदा जल गए। मृतकों की हालत ऐसी है कि उन्हें पहचानना मुश्किल है। हादसे में 5 लोग घायल हुए है। उनकी पहचान की जा रही है।सभी मृतक गयाजी के डुमरिया थाना क्षेत्र के गोटिबांध गांव रहने वाले हैं। इनमें बाप-बेटे भी है, जो 15 दिन पहले छत्तीसगढ़ गए थे। इसके 8 दिन बाद बेटा राजदेव भी वहीं काम करने चला गया। घटना के बाद गोटिबांध गांव में मातम पसरा है।

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घटना के बाद केंद्रीय मंत्री केंद्रीय जीतन राम मांझी ने कहा है, छत्तीसगढ़ में बिहार की लोगों की मौत काफी दुखद है। वहां से सभी के शव को गयाजी लाया जाएगा। परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।

 

 

पहले जानिए हादसा कैसे हुआ

 

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के बकुलाही इलाके में सुबह 9.40 बजे डस्ट सेटलिंग चैंबर से गर्म राख (ऐश) ले जा रही पाइपलाइन में लीकेज हो गया था। जिससे प्लांट की कोल भट्टी (कोल किल्न) में ब्लास्ट हो गया।ब्लास्ट के दौरान खौलते लोहे का मलबा नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया, जिससे मजदूर बुरी तरह झुलस गए। धमाके के बाद दूर तक धुएं का गुबार दिखा। घायलों को बिलासपुर के बर्न ट्रीटमेंट सेंटर भेजा गया है।कंपनी की ओर से मृतकों को 20 लाख और घायलों को 5 लाख मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

 

 

हादसे के बाद भास्कर की टीम डुमरिया थाना क्षेत्र के गोटिबांध गांव पहुंची। पूरे गांव में मातम पसरा दिखाई दिया। हादसे में बाप-बेटे की भी जान गई है। उनकी पहचान सुंदर भारती और उनके बेटे राजदेव भारती के रूप में हुई है।

 

सुंदर भारती की पत्नी ने रोते हुए बताया कि उनके पति करीब 15 दिन पहले रोजी-रोटी के लिए छत्तीसगढ़ गए थे। इसके 8 दिन बाद बेटा राजदेव भी वहीं काम करने चला गया। दोनों ठेकेदार के माध्यम से स्टील प्लांट में काम करने गए थे।पत्नी ने बताया, ‘गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे राजदेव से आखिरी बार बात हुई थी। उस समय सब कुछ सामान्य था। किसी को अंदाजा नहीं था कि एक घंटे के अंदर ऐसी मनहूस खबर आएगी।’

 

 

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

 

इसी हादसे में पार्वती देवी ने भी अपने पति को खो दिया है। उन्होंने बताया कि सुबह दस बजे जैसे ही हादसे की सूचना मिली, पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। कोई किसी को संभालने की हालत में नहीं था।गोटिबांध गांव में इस हादसे के बाद चूल्हे ठंडे हैं। हर घर में मातम पसरा है। लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि कमाने गए थे, क्या इसी दिन के लिए। प्रशासन से पीड़ित परिवारों को मदद और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी

 

सभी मृतक एक ही गांव के हैं। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घायलों के नाम

 

मोताज अंसारी (26) कारपेंटर

सराफत अंसारी (32) कारपेंटर

साबिर अंसारी (37) कारपेंटर

कल्पू भुइया (51) हेल्पर

रामू भुइया 34 हेल्पर

प्लांट सील, प्रबंधन से पूछताछ

 

मौके पर कलेक्टर दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के साथ जिला प्रशासन की टीम मौजूद है। रियल स्टील प्लांट को सील कर दिया गया है। प्लांट प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है। फैक्ट्री नितेश अग्रवाल की बताई जा रही है।कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि बकुलाही क्षेत्र में रियल इस्पात कंपनी में सुबह करीब 9:40 बजे बड़ा हादसा हुआ। कोल भट्टी (कोल किल्न) के डस्ट सेटलिंग चैंबर से गर्म राख (ऐश) ले जा रही पाइपलाइन में लीकेज हो गया, जिससे गर्म राख नीचे गिर गई।

 

इस हादसे में नीचे काम कर रहे 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए बिलासपुर के बर्न ट्रीटमेंट सेंटर भेजा गया है।

 

 

बिहार के रहने वाले हैं मृतक

 

कलेक्टर ने बताया कि घायल मजदूरों के बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर कलेक्टर से भी संपर्क किया गया है। श्रम विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है, ताकि प्लांट प्रबंधन पर नियम अनुसार कार्रवाई की जा सके और मृतकों के परिवारों व प्रभावित मजदूरों को उचित मुआवजा दिलाया जा सके। आधार कार्ड के माध्यम से मृत मजदूरों की पहचान कर ली गई है। सभी मजदूर बिहार के रहने वाले हैं।

 

एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि इस हादसे में कुल 11 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 6 लोगों की बर्न इंजरी से मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन है। शुरुआती जांच में पता चला है कि सुबह की शिफ्ट में 50 से ज्यादा मजदूर काम पर मौजूद थे। सभी मजदूरों का एक-एक कर सत्यापन किया जा रहा है।

 

 

परिजनों को पूरा मुआवजा दिया जाएगा- प्रबंधन

 

वहीं प्लांट के मालिक नितेश अग्रवाल ने बताया कि रोज की तरह हाउस कीपिंग का काम चल रहा था तभी डीएससी में डस्ट मटेरियल गिरा, जो काफी गर्म रहता है। मटेरियल नीचे काम कर रहे लोगों के ऊपर गिरने से ये हादसा हो गया। प्रबंधन ने कहा कि सरकारी नियमों के साथ कंपनी की ओर से मृतकों और प्रभावितों के परिजनों को पूरा मुआवजा दिया जाएगा।

 

स्पंज आयरन प्लांट के बारे में जानिए

 

स्पंज आयरन प्लांट में लौह अयस्क (Iron Ore) से स्पंज आयरन तैयार किया जाता है। यह प्रक्रिया डायरेक्ट रिडक्शन तकनीक से होती है, जिसमें कोयला या गैस की मदद से अयस्क से ऑक्सीजन हटाई जाती है। इससे बना स्पंज आयरन आगे चलकर स्टील बनाने का कच्चा माल होता है, जिसे स्टील प्लांट में भेजा जाता है।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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